नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बीते 17 दिनों से जारी संघर्ष का बड़ा असर वैश्विक ईंधन आपूर्ति के साथ-साथ उड़ान सेवा पर भी देखने को मिला है। इसी बात के मद्देनजर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारतीय एयरलाइंस ने अब तक 4,335 और विदेशी एयरलाइंस ने 1,187 फ्लाइट रद्द की हैं। नायडू ने कहा कि अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र बंद हो गया है, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है।
इस दौरान नायडू ने यह भी साफ किया कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता यात्रियों और एयरलाइन कर्मियों की सुरक्षा है। नायडू ने बताया कि एयरस्पेस बंद होने के कारण वहां उड़ान भरने का कोई कारण नहीं है। इसके बावजूद, जब भी उड़ान संचालन की अनुमति मिली, भारतीय एयरलाइंस ने यात्राओं को संचालित किया। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान लगभग 2,19,780 लोग सुरक्षित यात्रा कर पाए हैं।
सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास जारी- नायडू
इसके साथ ही राज्यसभा में जवाब देते हुए मंत्री नायडू ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और सिविल एविएशन महानिदेशालय (डीजीसीए)लगातार उन देशों के नियामकों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि हम वहां सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन पहले एयरस्पेस खुलना और सुरक्षित होना जरूरी है। तभी नियमित उड़ान संचालन संभव है। नायडू ने यह भी बताया कि कुछ हवाई क्षेत्र अभी भी बंद हैं, और सरकार यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थिति सामान्य होने तक इंतजार कर रही है।

