नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में पेश किए गए वित्त विधेयक 2026 को लेकर लोकसभा में चर्चा हुई। इस दौरान लोक जनशक्ति पार्टी की सांसद शांभवी चौधरी धुरंधर फिल्म का जिक्र करते हुए विपक्ष पर शायराना अंदाज में हमला किया।
वित्त विधेयक 2026 का विपक्ष द्वारा विरोध किए जाने पर शांभवी चौधरी ने कहा, जिस आईने में हमें विकास और विश्वास दोनों दिखाई दे रहे हैं। उसमें विपक्ष को कुछ नहीं दिखाई दे रहा है। इस दौरान उन्होंने एक सदन में एक शायरी पढ़ी, जिससे लोकसभा में सत्तापक्ष के सांसदों ने खूब सराहा।
करण भूषण ने किया समर्थन
- इस दौरान शांभवी के पीछे बैठे बीजेपी सांसद करण भूषण भी मेज थपथपाकर उनका समर्थन करते हुए नजए आए। शांभवी ने कहा, इस शेर में विपक्ष का पूरा चरित्र देखने को मिलता है।
चाणक्य का जिक्र कर पीएम मोदी की तारीफ
- अपने भाषण में शांभवी ने चाणक्य एक श्लोक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, नेता का जो सुख है वह प्रजा के हित में ही निहित होना चाहिए और प्रजा के हित में ही उसे अपने हित देखने चाहिए। उन्होंने कहा, चाणक्य के विचारों को आज इस देश में कोई सार्थक कर रहा है तो आज वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है।
लोजपा सांसद कहा, आचार्य चाणक्य ने राजधर्म की बात की थी। राजधर्म का अर्थ है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। उन्होंने कहा, यह साल का बजट या वित्त विधेयक सिर्फ एक आकंड़ा नहीं है। यह एक आईना है जिसमें विकसित भारत, सशस्त्र भारत और समृद्ध भारत दिखाई देता है।
वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी लोकसभा में पेश किया, और निचले सदन ने इसे आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने की मंजूरी दे दी। इस विधेयक का उद्देश्य सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) अधिनियम, 2008 और कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन करना है।
इस दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 दो साल के गहन विचार-विमर्श के बाद अब यहां प्रस्तुत किया गया है। कंपनी विधि समिति (सीएलसी) की सिफारिशों और उसकी रिपोर्टों को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया गया है।

