नई दिल्ली : थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) जून में बढ़कर 9.87 फीसदी पहुंचने के बाद कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण देश धीरे-धीरे आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब भी मांगा और कहा कि 12 साल तक सरकार चलाने के बाद इस आर्थिक स्थिति की जिम्मेदारी उन्हें ही लेनी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस पिछले कई महीनों से सरकार को आर्थिक हालात को लेकर लगातार आगाह करती रही है, लेकिन सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि जून में थोक महंगाई 44 महीनों के सबसे ऊंचे स्तर 9.87 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं, ईंधन और बिजली की कीमतों में 27.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कृषि बुवाई तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। उनका कहना है कि महंगाई और बेरोजगारी की मार से आम लोग परेशान हैं, जबकि किसान सरकार की नीतियों और प्रतिकूल मौसम की दोहरी मार झेल रहे हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि बढ़ती महंगाई से उद्योगों की लागत भी लगातार बढ़ रही है। उनका आरोप है कि जब अर्थव्यवस्था के लगभग सभी प्रमुख संकेतक चिंता बढ़ा रहे हैं, तब सरकार हालात संभालने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने में लगी हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने के बजाय वास्तविक आंकड़ों को छिपाने की कोशिश कर रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई बढ़कर 9.87 फीसदी हो गई, जो मई में 9.68 फीसदी थी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के कारण हुई। नए आंकड़े 2022-23 को आधार वर्ष मानकर जारी किए गए हैं।
जून में खाद्य महंगाई बढ़कर 5.49 फीसदी हो गई, जो मई में 3.60 फीसदी थी। एल नीनो के असर से कम बारिश होने के कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। गैर-खाद्य वस्तुओं की महंगाई 11.07 फीसदी और खनिज क्षेत्र की महंगाई 9.45 फीसदी रही। वहीं, ईंधन और बिजली क्षेत्र की महंगाई मई के 30.33 फीसदी से घटकर जून में 27.41 फीसदी रही, जबकि विनिर्मित उत्पादों की महंगाई 7.48 फीसदी पर स्थिर रही।