मुंबई। मुंबई महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम में भ्रष्टाचार और कर्ज के आरोप लगाए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि आरोप लगाने से पहले अजित पवार को आत्ममंथन करना चाहिए।
चव्हाण ने कहा कि अजित पवार का बयान नगर निगम चुनावों की पृष्ठभूमि में आया है, जिससे इसके राजनीतिक मकसद पर सवाल उठते हैं। गौरतलब है कि पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम 2017 से 2022 तक भाजपा के शासन में रहा, इसके बाद वहां प्रशासक नियुक्त किया गया। अब 15 जनवरी को निगम चुनाव होने जा रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कल्याण-डोंबिवली समेत कई जगहों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने को गठबंधन की मजबूती से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ आने से विपक्ष लगभग मैदान से बाहर हो गया है।
अजित पवार का पलटवार और टिकट विवाद
इससे पहले अजित पवार ने नगर निकाय चुनावों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने का बचाव किया था। उन्होंने कहा कि जब तक कोई दोषी साबित न हो, उसे अपराधी नहीं कहा जा सकता। पवार ने खुद पर लगे 70 हजार करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के आरोपों का भी हवाला दिया। हालांकि, एनसीपी द्वारा ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है, जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं और जो फिलहाल जेल में हैं।

