पीएम बोले – भारत और जर्मनी हैं घनिष्ठ साझेदार, भारत में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां मौजूद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई।
वार्ता के बाद पीएम ने कहा- भारत-जर्मनी करीबी सहयोगी हैं। इसीलिए आज भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां हैं। यह जर्मनी के भारत के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।
भारत और जर्मन नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत और जर्मनी हरेक फील्ड में मिलकर काम कर रहे हैं। आज हुए एमओयू से और मजबूती बढ़ेगी। भारत और जर्मनी हरेक फील्ड में मिलकर काम कर रहे हैं। आज हुए एमओयू से और मजबूती बढ़ेगी।
पीएम मोदी के संबोधन की 5 बड़ी बातें…
- चांसलर मर्ज की ये यात्रा एक विशेष समय पर हो रही है। पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं।
- भारत-जर्मनी की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मैं चांसलर मर्ज का आभार व्यक्त करता हूं।
- रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी भरोसे और साझी सोच का प्रतीक है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊर्जा दी है।
- भारत सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। भारत और जर्मनी सहमत हैं कि ग्लोबल चुनौतियों से निपटने के लिए ग्लोबल इंस्टीट्यूशन में सुधार बहुत जरूरी है।
- आज हायर एजुकेशन पर बना रोडमैप शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा। मैं जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने का आमंत्रण देता हूं।
दोनों नेता सुबह साबरमती आश्रम पहुंचे
दोनों नेताओं ने सोमवार सुबह सबसे पहले अहमदाबाद में साबरमती आश्रम पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया था।
आश्रम के बाद मोदी-मर्ज साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे थे। यहां पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में शामिल होकर साथ में पतंग उड़ाई थी।
वहीं, पीएम मोदी के तीन दिन के गुजरात दौरे का आज आखिरी दिन है। पीएम दोपहर 2.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
मर्ज ने लिखा- गांधी के आदर्शों की आज ज्यादा जरूरत
आश्रम का दौरा करने के बाद फ्रेडरिक मर्ज ने गेस्ट बुक ने लिखा- महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा, स्वतंत्रता की शक्ति में उनका विश्वास और हरेक व्यक्ति की गरिमा में उनकी आस्था आज भी लोगों को प्रेरित करती है। गांधी के आदर्शों की आज पहले से कहीं ज्यादा आवश्यकता है।
पीएम मोदी का गुजरात दौरा, दूसरा दिन…
रविवार सुबह पीएम 1 किमी लंबी शौर्य यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा की थी। इसके बाद पीएम ने राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात सौराष्ट्र रीजनल का उद्घाटन किया था। यहां से पीएम अहमदाबाद पहुंचे, जहां अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2 का उद्घाटन किया था।
पीएम ने कहा था कि सोमनाथ मंदिर में फहरा रही ध्वजा बता रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या हैं। दुर्भाग्य से आज भी हमारे देश में वे ताकतें मौजूद हैं, जिन्होंने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध किया था।
पीएम ने नेहरू का नाम लिए बिना कहा कि जब सरदार पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। दरअसल, 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के शामिल होने को लेकर जवाहरलाल नेहरू ने आपत्ति जताई थी।
10 जनवरी: पीएम मोदी का गुजरात दौरा, पहला दिन
पीएम मोदी गुजरात दौरे पहले दिन सोमनाथ पहुंचे थे। सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर 8 से 11 जनवरी तक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया था।
पीएम ने यहां रोड शो किया। इसके बाद सोमनाथ मंदिर की महाआरती में शामिल हुए थे। इसके बाद 72 घंटे चलने वाले ऊं जाप में शामिल होकर ऊं जाप भी किया था। बाद में ड्रोन शो भी देखा था। पीएम ने X पर लिखा- सोमनाथ आकर धन्य महसूस कर रहा हूं। यह हमारी सभ्यतागत साहस का गौरवपूर्ण प्रतीक है।

