तमिलनाडु : तमिलनाडु के कोयंबटूर में NEET की तैयारी कर रही 19 साल की छात्रा अनुकीर्तना ने बुधवार सुबह जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले छात्रा ने अपने चाचा और करीबी रिश्तेदारों को वॉट्सएप मैसेज भेजे थे।
मैसेज में उसने लिखा- ‘मैंने NEET परीक्षा दी थी और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का इंतजार कर रही थी, लेकिन परीक्षा कैंसिल हो गई। अब दोबारा परीक्षा देने से डर लग रहा है। मेरे पापा ने मुझ पर बहुत पैसा खर्च किया है, मैं अब उनका सामना कैसे करूंगी, नहीं जानती।’
वहीं, अहमदाबाद के न्यू रानीप इलाके में बुधवार रात करीब 2:30 बजे 17 साल के छात्र ने आनंदम फ्लैट्स के ब्लॉक बी की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस जांच में पता चला कि छात्र NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था। आत्महत्या का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।
पिछले दो दिनों में NEET स्टूडेंट की आत्महत्या का यह चौथा मामला है। इससे पहले 16 जून को देहरादून में 23 साल की रिया थापा और लखनऊ में 17 साल की एक छात्रा ने सुसाइड किया था। 12 मई को NEET परीक्षा रद्द होने के बाद देश भर में अब तक लगभग 12 स्टूडेंट्स जान दे चुके हैं।
कोयंबटूर स्थित घर के कमरे में बेहोश मिली थी छात्रा
अनुकीर्तना कोयंबटूर के कोवईपुदुर स्थित पार्क टाउन की रहने वाली थी। उसके पिता सेंथिल प्रभु CITU से संबद्ध TASMAC ट्रेड यूनियन के जिला सचिव हैं। दो बेटियों में अनुकीर्तना बड़ी थी। उसने एट्टिमडई के एक प्राइवेट स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की थी।
डॉक्टर बनकर गरीबों की मदद करना उसका सपना था। हालांकि, पेपर लीक के कारण NEET परीत्रा रद्द होने और 21 जून को री-एग्जाम की घोषणा से वह गहरे सदमे में आ गई थी। बुधवार सुबह उसने रिश्तेदारों को एक लंबा वॉट्सएप मैसेज भेजा।
छात्रा का मैसेज पढ़ने के बाद परिजन उसके घर पहुंचे। कमरे का दरवाजा तोड़ने पर वह बेहोश मिली। उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिवार ने केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा मांगा
छात्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी ESI मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन ने छात्रा का शव लेने से इनकार कर दिया। बाद में अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद बुधवार रात उन्होंने शव लिया।
परिवार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। घटना के बाद CPM के जिला समिति सदस्यों ने ESI अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया और NEET पर बैन लगाने की मांग उठाई। इधर पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई
NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को देश भर में आयोजित की गई थी। करीब 23 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए।
जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन
NEET यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।
इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं।

