ईरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनियों पर ईरान से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। तेहरान विश्वविद्यालय की महिला सहायक प्रोफेसर सेतारेह सादेकी ने साफ कहा कि हमारे सिर पर बंदूक रखकर बातचीत की बात करना ईरान के लिए कभी स्वीकार्य नहीं होगा।दरअसल, ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि मंगलवार रात तक कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि एक रात में ईरान को खत्म कर सकते हैं।
सादेकी ने कहा कि अमेरिका की ये धमकियां कोई नई बात नहीं हैं, बल्कि पहले दिए गए डेडलाइन का विस्तार हैं। उनके मुताबिक ईरान इसे ऐसे देखता है जैसे हमारे सिर पर बंदूक तानकर बातचीत करने को कहा जा रहा हो, जो कभी काम नहीं करेगा। उन्होंने दोहराया कि जब तक ईरान के शहरों पर हमले और बमबारी जारी रहेगी, तब तक अमेरिका के साथ न तो बातचीत होगी और न ही किसी युद्धविराम पर सहमति बनेगी।
अमेरिका पर नागरिक ढांचे पर हमले का आरोप
तेहरान यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने अमेरिका पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि हाल के हमलों में विश्वविद्यालयों, रिसर्च सेंटर, टीकाकरण केंद्रों और पुलों को निशाना बनाया गया है। सादेकी के अनुसार, संभावना है कि अमेरिका आगे भी नागरिक ढांचे पर हमले तेज कर सकता है।
‘ईरान देगा जवाब’
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने पहले भी अमेरिकी हमलों का जवाब प्रभावी तरीके से दिया है। ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और इस्राइली इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर अपनी क्षमता दिखाई है। सादेकी ने चेतावनी दी कि ईरान भविष्य में भी ऐसे ही जवाब देगा जिससे अमेरिका की हमले करने की क्षमता कमजोर हो सके।
ट्रंप का अल्टीमेटम और ‘क्रिटिकल पीरियड’
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह क्रिटिकल पीरियड है और ईरान को समझौते के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। उन्होंने कहा हमने उन्हें 10 दिन दिए हैं। अब उनके पास मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक का समय है। इसके बाद उनके पास न पुल होंगे, न पावर प्लांट।

