पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बिहार और यूपी से 3 संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को तीनों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
इनमें दो युवक- मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को बिहार के बक्सर, जबकि राज सिंह को उत्तर प्रदेश के अयोध्या से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को शक है कि राज एक शार्पशूटर है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों तक पहुंचने में टोल प्लाजा पर किया गया एक UPI पेमेंट और CCTV फुटेज सबसे बड़ा सुराग बना। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 साल के चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं।
कुख्यात अपराधी विशाल को पूछताछ के बाद छोड़ा
बंगाल एसटीएफ ने बिहार के बक्सर में कुख्यात अपराधी विशाल श्रीवास्तव से भी पूछताछ की। हालांकि, पूछताछ में हत्याकांड में उसकी सीधी संलिप्तता न पाए जाने पर एसटीएफ ने उसे छोड़ दिया। विशाल पर बक्सर जिले में हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट सहित 22 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राज सिंह की मंत्री के साथ तस्वीरें
अयोध्या से गिरफ्तार राज सिंह बलिया का रहने वाला है। उसके बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि वह नेता बनना चाहता था। ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। उसका एक पोस्टर भी मिला है, जिसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है।
उसके फेसबुक अकाउंट में मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ की तस्वीरें भी हैं। पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के साथ उसकी रील भी है।
हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक
जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी।
यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की और फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान को टोल प्लाजा के CCTV फुटेज और वाहन की तस्वीरों से मैच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक हमलावरों ने पहचान छिपाने और मूवमेंट छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे।
हत्या के बाद लाल रंग की कार से भागे थे आरोपी
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ की स्कोर्पियो को सिल्वर रंग की निसान माइक्रा कार से रोका गया था। इसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने उन पर फायरिंग की। हत्या के बाद आरोपी माइक्रा कार घटनास्थल पर छोड़कर लाल रंग की कार और बाइक से फरार हो गए।
CCTV में यही लाल कार टोल प्लाजा पर स्पॉट हुई। पुलिस अब हत्या की साजिश, फंडिंग और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। तीनों आरोपियों को आज बारासात कोर्ट में पेश करेगी।
हमलावरों की कार-बाइक जब्त, नंबर फर्जी निकली
बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद रथ की हत्या में सुपारी किलर के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई और इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं।
पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा, हमले में दो बाइक शामिल थीं। इनमें से एक मोटरसाइकिल भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली। उसपर भी फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।

