संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान में खतरनाक गिरावट को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता और बल प्रयोग की मनाही जैसे मूल सिद्धांतों को या तो चुनौती दी जा रही है या इन्हें अनदेखा किया जा रहा है। सुरक्षा परिषद में मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने और संयुक्त राष्ट्र-केंद्रित अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को मजबूत करने पर एक उच्चस्तरीय खुली बहस आयोजित की गई। इसे संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि नियमों के उल्लंघन पर जवाबदेही नहीं हो रही और दंड से बच निकलने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर मानवता की सबसे अच्छी उम्मीद : गुटेरेस
एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जताते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर शांति के लिए मानवता की सबसे अच्छी उम्मीद बना हुआ है, लेकिन इसकी ताकत इसे बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। महासचिव ने चेतावनी दी कि भू-राजनीतिक विभाजन गहरा रहे हैं, अविश्वास बढ़ रहा है और आम सहमति बनाना तेजी से मुश्किल होता जा रहा है।
सुरक्षा परिषद की भूमिका पर उठाए सवाल
गुटेरेस ने इस बात पर भी जोर दिया कि अक्सर यह परिषद एकता और उद्देश्य के साथ कार्य करने में विफल रहती है। उन्होंने कहा, “जब सुरक्षा परिषद विभाजित होती है, तो इसके परिणाम इस कक्ष से कहीं आगे महसूस किए जाते हैं।”
यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया संघर्ष तक का किया जिक्र
महासचिव ने संघर्षों की बढ़ती संख्या और उनकी तीव्रता पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद से अब तक के सबसे ज्यादा संघर्षों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, बाहरी हस्तक्षेप बढ़ रहा है, जिसमें ड्रोन जैसे हथियारों की आपूर्ति शामिल है, जो अक्सर नागरिकों और उनसे जुड़ी चीजों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया, सूडान, यूक्रेन और अन्य क्षेत्रों में हिंसा का पैमाना और जटिलता बढ़ रही है। गुटेरेस ने तेजी से बढ़ती और अस्थिर करने वाले हथियारों की दौड़ के बारे में भी चिंता जताई।
चुनौतियों से निपटने के लिए तीन-आयामी रणनीति
इन गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए एंटोनियो गुटेरेस ने तीन प्रमुख क्षेत्रों में कार्रवाई का आह्वान किया: संघर्ष की रोकथाम और शांति स्थापना, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान, और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार। उन्होंने व्यापक बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

