नई दिल्ली : शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पार्टी के उन सांसदों पर अपना तीखा हमला जारी रखा है, जो संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। मीडिया से बात करते हुए संजय राउत की ओर से एक बार फिर से अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। बैठक में शामिल न होने के बाद इन सांसदों के पार्टी छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
राउत ने कहा, उद्धव जी को सब कुछ पता है और वे हर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ले रहे हैं। पूरी पार्टी एकजुट है। चार-पांच सांसदों से पार्टी नहीं बनती। पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं ने ही उन्हें सांसद बनाया था, और वे कार्यकर्ता अब सड़कों पर हैं और आगे भी रहेंगे। उनके लिए अपने ही चुनाव क्षेत्रों में रहना मुश्किल हो जाएगा। मैं यह बात रिकॉर्ड पर कह रहा हूं। उन्हें अपने चुनाव क्षेत्रों में जाकर लोगों का सामना करने दें। अगर वे वहां जाते हैं, तो उन्हें भारतीय सेना की सुरक्षा की जरूरत पड़ेगी। अगर अदालतों ने पिछले चार वर्षों में हमारे मामले पर फैसला सुना दिया होता, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। जो कुछ हो रहा है, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी जिम्मेदार है। देश में लोकतंत्र को जिस तरह कमज़ोर किया जा रहा है, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।
संजय राउत का दावा है कि बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये दिए गए और उन्हें राजस्थान में सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। अगर बागी सांसदों में ज़रा भी नैतिकता है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। राउत ने कहा, कल मैं, अरविंद सावंत और अनिल देसाई मिले थे और हमारा एक फोटो भी प्रसिद्ध हुआ है। अगर वे छह लोग मिले हैं, तो उनका थोबड़ा दिखाइए… आप अभी भी पार्टी के सदस्य हैं। आपने हमारी पार्टी के नाम और हमारी पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता है। इसलिए अभी भी आप हमारी पार्टी के सदस्य हैं। अगर आपने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है, तो आपके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करनी होगी… इस बार की बेईमानी एकनाथ शिंदे को बहुत महंगी पड़ेगी और इन पांच-छह गद्दारों को भी। अब हम चुप नहीं बैठने वाले हैं, हमने सुबह ही यह बात कह दी थी
संजय राउत का आक्रामक रुख
गुरुवार को संजय राउत ने एक बार फिर बागी सांसदों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इससे पहले बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी संजय राउत ने पार्टी छोड़ने वालों पर जमकर गुस्सा निकाला था। उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्दों को न काटें, बल्कि उन्हें प्रसारित करें। जब इस तरह की भाषा के इस्तेमाल के बारे में पूछा गया, तो राउत ने कहा कि यह महाराष्ट्र में आम बोलचाल का हिस्सा है और उन्हें पता है कि किस मौके पर किस भाषा का प्रयोग करना चाहिए। राउत ने बागी शिवसेना यूबीटी के सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि, हम ऑपरेशन तुड़वा (मार-पीट) शुरू करेंगे।
संजय राउत ने बागी नेताओं की आलोचना करते हुए इसे “धोखाधड़ी, बेईमानी, साजिश और फ्रॉड” करार दिया। उन्होंने कहा, “उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा, जवाब मांगा जाएगा और हम उनकी सदस्यता रद्द करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये सांसद कल स्पीकर से मिले और विलय की बात कही, जबकि वे (राउत, सावंत और देसाई) भी स्पीकर से मिले थे।
गंदी राजनीति की कीमत चुकानी होगी- राउत
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे पर सीधा हमला करते हुए, संजय राउत ने कहा कि राजनीति को गंदा करने की कीमत भाजपा को भी चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, आप अभी भी पार्टी के सदस्य हैं। आप हमारी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव जीते थे। अगर आप व्हिप का उल्लंघन करते हैं, तो कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन सांसदों के चुनाव क्षेत्रों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और इस बार धोखे की भारी कीमत एकनाथ शिंदे और इन गद्दारों को चुकानी पड़ेगी। अरविंद सावंत अयोग्यता पत्र के लिए कागजी कार्रवाई तैयार कर रहे हैं।

