हिमाचल : हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में गुरुवार रात भारी बारिश हुई। किन्नौर के चोलिंग में बारिश के बाद मलबा नेशनल हाईवे पर आ गया। दो गाड़ियां दब गई। राज्य में 49 सड़कें बंद हैं।
इधर, यूपी में शुक्रवार सुबह 3 बजे लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, जालौन समेत 5 शहरों में बारिश हुई। उन्नाव में पानी घरों में घुस गया। गुजरात के वलसाड में सड़कें पानी में डूब गईं, गाड़ियां चलते-चलते बंद हो गईं।
मध्य प्रदेश में मानसून 9 दिन में ही पूरे प्रदेश में छा गया। धार, बड़वानी, खरगोन और देवास में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश का अनुमान है। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से राम घाट के पास मंदिर डूब गए। वहीं मुंबई में स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।
राजस्थान के जयपुर में 2 दिन से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कोटा, बारां और झालावाड़ के लिए तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली समेत कई जिलों में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद हो गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिरे थे। सुरक्षा के चलते केदारनाथ यात्रा रोक दी गई थी।
अगले 2 दिन मौसम का हाल
4 जुलाई:
- छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरलम, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है।
- बिहार में 50-60kmph की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में तेज हवा चलेगी।
- राजस्थान में 30-40kmph की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हीटवेव जारी रहेगी।
5 जुलाई:
- आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है।
- असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी।
- सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
मानसून 3 दिन देरी से आया, 3 दिन पहले पूरे देश कवर करेगा
मानसून ने 1 जून की जगह 3 दिन लेट 4 जून को भारत में एंट्री ली थी। इस दौरान कई राज्यों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। बीच-बीच में ‘ब्रेक मानसून’ जैसी स्थिति बनने से यह आशंका जताई जाने लगी थी कि इस बार मानसून पूरे देश को सामान्य समय से देर से कवर करेगा। हालांकि, जुलाई की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली।
मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई तक मानसून के पूरे देश को कवर करने की संभावना है, जबकि इसका सामान्य समय 8 जुलाई माना जाता है। यानी शुरुआती सुस्ती के बावजूद मानसून अपनी सामान्य प्रगति के करीब पहुंच गया है। हाल ही में मौसम विभाग ने बताया था कि अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।

