नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने प्रतिभूति बाजार के लिए नामांकन ढांचे के तीसरे चरण के कार्यान्वयन को स्थगित कर दिया है। यह पहले 15 दिसंबर से प्रभावी होने वाला था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा, नई तिथि की घोषणा बाद में होगी। यह स्थगन डिपॉजिटरी और अन्य हितधारकों की ओर से सामना की जा रही परिचालन संबंधी चुनौतियों के जवाब में किया गया है।
सेबी ने रीट और इनविट की परिभाषा में भी बदलाव किया है। एक योग्य संस्थागत खरीदार मानी जाने वाली संस्था रणनीतिक निवेशक के रूप में आवेदन कर सकती है। इसमें सरकारी वित्तीय संस्थानों, पेंशन एवं भविष्य निधि, वैकल्पिक निवेश निधि, राज्य औद्योगिक विकास निगम, पारिवारिक ट्रस्ट और 500 करोड़ से अधिक की कुल संपत्ति वाले पंजीकृत मध्यस्थों सहित अन्य संस्थानों का समूह शामिल है।
म्यूचुअल फंड पर दांव…26 निवेशकों ने लगाए 4,815 करोड़ रुपये
दिग्गज निवेशकों का म्यूचुअल फंड पसंदीदा निवेश का साधन बन चुका है। इसका उदाहरण यह है कि 10,000 करोड़ रुपये के आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड का आईपीओ खुलने से पहले ही 4,815 करोड़ का निवेश किया गया है। शुक्रवार से खुलने वाले इश्यू में झुनझुनवाला परिवार, मधुसूदन केला सहित 26 निवेशकों ने दांव लगाया है। सक्रिय म्यूचुअल फंड के तिमाही औसत प्रबंधित परिसंपत्तियों के मामले में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल देश की सबसे बड़ी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी है। 30 सितंबर तक इसकी बाजार हिस्सेदारी 13.3 फीसदी रही है। कंपनी ने आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स के परामर्श से 22,240,841 इक्विटी शेयरों का निजी प्लेसमेंट नकद भुगतान के बदले 2,165 रुपये प्रति शेयर के निर्गम मूल्य पर किया है।
इसमें अबुधाबी की लुनेट कैपिटल, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के रीजेंट्स आईआईएफएल एसेट मैनेजमेंट, सर्व इन्वेस्टमेंट्स, 3पी इंडिया इक्विटी फंड (प्रशांत जैन द्वारा प्रबंधित), डीएसपी इंडिया फंड, व्हाइटओक कैपिटल इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड, एचसीएल कैपिटल व अन्य हैं। एसबीआई लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, कोटक लाइफ, आदित्य बिरला सन लाइफ और गो डिजिट जैसी बीमा कंपनियों ने भी प्री-प्लेसमेंट में भाग लिया।

