इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एकमात्र एजेंडे पर काम कर रहे हैं। वह एजेंडा है- दुनिया भर के देशों में घूम-घूमकर कर्ज मांगना। शहबाज शरीफ के शासन में अर्थव्यवस्था इस कदर बदहाल है कि पाकिस्तान को कर्जों का ब्याज देने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। हालत है कि शहबाज को अब पाकिस्तान में शोबाज प्रधानमंत्री कहा जाने लगा है, जिनके पास न तो कोई विजन नहीं है।
पाकिस्तानी पत्रकार और एक्सपर्ट इरशाद भट्टी ने एक टीवी शो में अपने ही प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ के पास बताने के लिए एक ही उपलब्धि होती है- अलहमदुलिल्लाह हमें फला ने कर्ज दे दिया, हमें उनसे कर्ज मिल गया, IMF आ गया।इरशाद भट्टी ने विदेशी निवेश को लेकर निशाना साधा और कहा कि शहबाज शरीफ जितना देश की संसद में नहीं आए हैं उससे ज्यादा पाकिस्तान के बाहर गए हैं। उन्होंने कहा कि 40 से 50 विदेशी दौरों के बाद निवेश में 41 फीसदी की गिरावट हुई है। 47 साल में देश में निवेश सबसे कम है।

