Bihar: सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर: राजद-जदयू से भाजपा तक सम्राट चौधरी की राजनीतिक यात्रा काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। राजद और जदयू में काम करने के बाद वे भाजपा में शामिल हुए और थोड़े ही समय में अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया। दो बार उपमुख्यमंत्री पद संभाल चुके सम्राट चौधरी अब बिहार की बागडोर थामने के लिए तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक, स्वयं नीतीश कुमार ने उनके नाम पर सहमति दी थी, जिसके बाद भाजपा हाईकमान ने उनके नाम को अंतिम मंजूरी प्रदान की।
नीतीश कुमार का इस्तीफा
दोपहर लगभग 3:17 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना त्यागपत्र सौंपा। इस दौरान सम्राट चौधरी और विजय चौधरी भी उनके साथ उपस्थित रहे। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए नीतीश कुमार को नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में अपने पद पर बने रहने का अनुरोध किया। राजभवन से बाहर निकलते वक्त नीतीश कुमार ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
भाजपा कार्यालय में उत्सव का वातावरण
वीर चंद्र पटेल मार्ग पर स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आज जबरदस्त उत्साह का माहौल रहा। केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में जैसे ही सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव पारित हुआ, पूरा कार्यालय जयकारों और नारों से गूंज उठा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें पुष्पमाला पहनाकर भावी मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सरकार गठन का दावा
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी शीघ्र ही लोकभवन जाकर नई सरकार बनाने का औपचारिक दावा प्रस्तुत करेंगे। एनडीए के सभी सहयोगी दलों की संयुक्त बैठक आयोजित होगी, जिसमें उन्हें एनडीए गठबंधन का नेता घोषित किया जाएगा।
आज के प्रमुख घटनाक्रम
त्यागपत्र: नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा।
नेता चयन: सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया।
ऐतिहासिक क्षण: बिहार के इतिहास में पहली बार भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद ग्रहण करेगा।
शपथ ग्रहण: कल प्रातः 11 बजे नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की संभावना जताई जा रही है।

