Turkey Israle Conflict : तेल अवीव: इजरायल और तुर्की के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति ने रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने ईरान युद्ध नहीं रूकने पर इजरायल पर हमला करने की धमकी दी थी। जिसके बाद इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्री के वीपी शाय गाल ने कहा है कि ‘ईरान बस एक रिहर्सल था और अब तुर्की का फाइल भी खुल चुका है।’ इजरायल की तरफ से बयानबाजी उस वक्त शुरू हुई है जब तुर्की ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू समेत कम से कम 35 अधिकारियों के लिए करीब 5000 वर्षों के लिए जेल की सजा की मांग की है। इसके अलावा एर्दोगन ने इजरायल को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी।
12 अप्रैल को इस्तांबुल में एक सम्मेलन के दौरान एर्दोगन ने कहा था कि तुर्की इजरायल के खिलाफ वैसी ही सैन्य कार्रवाई कर सकता है जैसी उसने लीबिया और नागोर्नो-काराबाख में की थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा “जैसे हमने काराबाख और लीबिया में प्रवेश किया वैसे ही हम इजरायल के साथ भी कर सकते हैं”। इसके बाद इजरायल तिलमिलाया हुआ है और शाय गाल ने कहा है ‘ईरान तो बस एक पूर्वाभ्यास था। तुर्की की फाइल पहले से ही खुली हुई है।’
इजरायल ने तुर्की को गंभीर चेतावनी दी
शाय गाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि इजरायल ने ईरान के खिलाफ जो रणनीति जैसे खुफिया ऑपरेशन, साइबर हमले और टारगेटेड किलिंग अपनाई थी अब वही ‘ब्लूप्रिंट’ तुर्की के लिए तैयार कर लिया गया है। इजरायल तुर्की के राष्ट्रपति की धमकियों को काफी गंभीरता से ले रहा है और युद्धस्तर की तैयारी कर रहा है। इजरायली एक्सपर्ट ने तुर्की के अक्कूयू न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बताया है। इसके अलावा उन्होंने तुर्की की बैलिस्टिक मिसाइल लांच साइटों को भी निशाने पर बताया है। उन्होंने लिखा है कि तुर्की अपनी सैन्य पहुंच का गलियारा बढ़ा रहा है और वो उत्तरी साइप्रस के क्षेत्र, जिसपर तुर्की ने कब्जा कर रखा है वहां बैलिस्टिक मिसाइल लांच साइट बनाया है जो इजरायल के लिए खतरा है।
उन्होंने आगे कहा तुर्की ने सोमालिया को भी सैन्य ठिकाने की तरह विकसित करना शुरू किया है और उसकी मिसाइलों की रेंज 1000 से 3000 किलोमीटर के बीच है। इजरायली एक्सपर्ट ने तुर्की पर हमास की फंडिंग का भी आरोप लगाया है। हमास के नेता वर्षों से तुर्की में रहते आए हैं और माना जाता है कि उन्हें तुर्की सरकार से गहरा समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा कि इजरायली आकलन में एर्दोगन के भाषण को सिर्फ एक आम धमकी ईरान की रणनीति तुर्की पर भी लागू करने की धमकी
उन्होंने कहा कि ईरान के मामले में जो रणनीति उसके न्यूक्लियर स्ट्रक्चर और आतंकी कमांड नेटवर्क पर लागू की गई उसे ही तुर्की के खिलाफ भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कतर में पिछले साल हमास के नेताओं के खिलाफ किए गये हमलों का भी उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही अभियान तुर्की के खिलाफ भी लागू किया जाएगा। उन्होंने लिखा है कि तुर्की का अक्कूयू न्यूक्लियर पावर प्लांट सिर्फ एक ऊर्जा पावर प्लांट नहीं है बल्कि ये इजरायल के लिए खतरा है और उसे सीमित किए जाने की जरूरत है। यदि तुर्की सीमा लांघता है तो उसके मुताबिक ही कार्रवाई की जाएगी।
उन्होने चेतावनी देते हुए कहा है कि तुर्की की बैलिस्टिक रेंज साइटें इजरायल को निशाना बनाने के दायरे में आती हैं। यहां से इजरायल के नागरिकों को निशाना बनाया जा सकता है इसलिए अनुच्छेद 51 लागू किया जा सकता है। तुर्की की मिसाइलें ईरान की मिसाइलों से समानता रखती हैं और अब ये पश्चिमी देशों की तरफ लागू होती हैं। येरूशलम में अब इसपर कोई बहस भी नहीं होती है बल्कि इसे शुद्ध तौर पर खतरा माना जाता है। इसके खिलाफ प्लान तैयार किए जाते हैं और अब ये सिर्फ आकलन नहीं है बल्कि अब प्लानिंग लगातार हो रही है।

