जम्मू-कश्मीर : जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर मंगलवार को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित एक बैठक में 150 से अधिक नागरिक समाज (सिविल सोसायटी) के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से बिना किसी और देरी के जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की अपील की गई।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में मौजूद सभी प्रतिनिधियों ने एकमत होकर केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की। पार्टी के अनुसार, यह प्रस्ताव नागरिक समाज की सामूहिक भावना और व्यापक जन-आकांक्षा को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठक में शामिल सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चर्चा बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही। उन्होंने कहा कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला को बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले, जिन पर आगे विचार किया जाएगा।
उमर अब्दुल्ला ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के जरिए केंद्र सरकार से अपने वादे को पूरा करते हुए जम्मू-कश्मीर को बिना किसी और देरी के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की गई है।

