क्लाइड निकोल्स ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा कि ‘जहां तक अमेरिका और कनाडा के साथ व्यापार की बात है, तो मार्क कार्नी ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की है। दोनों की मुलाकात काफी दोस्ताना रही। मुझे उम्मीद है कि भारत के साथ व्यापारिक संबंधों में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिलेगा।’ उन्होंने कहा कि ‘मुझे लगता है कि अमेरिका के साथ बेहतर संबंध बनाने के लिए कनाडा कुछ चीजों पर सख्ती बरत रहा है। हमने हाल ही में देखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने एंटीफा पर कड़ी कार्रवाई की और उसे एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। मैं इसे सकारात्मक रूप से देखता हूं। अगर कनाडा भी ऐसा ही करता है, तो हम दुनिया भर में हो रही सभी तरह की आतंकवादी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई देखेंगे।’
एंटीफा, फासीवाद-विरोधी का छोटा रूप है, जिसका इस्तेमाल अति-वामपंथी समूहों के लिए किया जाता है। बीते दिनों अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी और दक्षिणपंथी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या के बाद ट्रंप ने एंटीफा पर प्रतिबंध लगा दिया था।
अनीता आनंद के दौरे से दोनों देशों के रिश्ते होंगे बेहतर
अनीता आनंद के भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा के मुद्दे पर बातचीत हो सकती है। मई में विदेश मंत्री बनने के बाद अनीता आनंद का यह पहला भारत दौरा है। भारत में वे वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगी। भारत दौरा पूरा करके अनीता आनंद सिंगापुर और चीन का भी दौरा करेंगी। अनीता आनंद के भारत दौरे से कुछ हफ्ते पहले ही कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नताली ड्रुइन ने भी भारत का दौरा किया था। इससे पहले जून में हुए जी7 सम्मेलन में पीएम मोदी की कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात हुई थी।