हैदराबाद। केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने करीमनगर लोकसभा क्षेत्र के गांवों पंचायतों को एक पेशकश की है, जिसके तहत उन्होंने एलान किया कि करीमनगर की जो भी पंचायत भाजपा समर्थित उम्मीदवार को निर्विरोध चुनेगी, उसे 10 लाख रुपये का फंड विकास के लिए तुरंत दिया जाएगा। तेलंगाना में अगले महीने निकाय चुनाव होने हैं। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस और कांग्रेस सरकारों ने पहले भी लोगों को सिर्फ धोखा दिया था, उन पंचायतों को फंड देने का वादा किया था जो अपने उनके समर्थित उम्मीदवारों को सर्वसम्मति से चुनती हैं, लेकिन उन्होंने मतदाताओं से इस बार ऐसी बातों में नहीं आने की अपील की।
सोशल मीडिया पोस्ट पर किया एलान
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार ने मंगलवार देर रात एक्स पर साझा एक पोस्ट में कहा ‘करीमनगर के गांवों- भाजपा समर्थित उम्मीदवार को सर्वसम्मति से चुनें और विकास के लिए तुरंत 10 लाख रुपये पाएं। अगर आपका गांव करीमनगर संसदीय क्षेत्र में भाजपा समर्थित अध्यक्ष को सर्वसम्मति से चुनता है, तो मैं उस गांव के विकास के लिए सीधे 10 लाख रुपये दूंगा – कोई देरी नहीं, कोई बहाना नहीं।’
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार ने मंगलवार देर रात एक्स पर साझा एक पोस्ट में कहा ‘करीमनगर के गांवों- भाजपा समर्थित उम्मीदवार को सर्वसम्मति से चुनें और विकास के लिए तुरंत 10 लाख रुपये पाएं। अगर आपका गांव करीमनगर संसदीय क्षेत्र में भाजपा समर्थित अध्यक्ष को सर्वसम्मति से चुनता है, तो मैं उस गांव के विकास के लिए सीधे 10 लाख रुपये दूंगा – कोई देरी नहीं, कोई बहाना नहीं।’
उन्होंने कहा कि सांसद के तौर पर उनके पास सांसद फंड उपलब्ध है, साथ ही कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलीटी के जरिए करोड़ों रुपये वे शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर करने में निवेश करा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री के तौर पर भी उनके पास केंद्रीय फंड भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार ने उन पंचायतों को पांच लाख रुपये देने का वादा किया था जहां चुनाव सर्वसम्मति से होते हैं और करीमनगर संसदीय क्षेत्र के लगभग 70 गांवों ने इस भरोसे पर बीआरएस उम्मीदवारों को सर्वसम्मति से चुना था। हालांकि, पांच साल बाद भी, तत्कालीन केसीआर सरकार ने एक भी रुपया जारी नहीं किया।
संजय कुमार ने कहा, ‘पहले, कांग्रेस सरकार ने भी ऐसे ही वादे किए थे और सर्वसम्मति से चुनाव के नाम पर लोगों को धोखा दिया था। जिन लोगों ने कांग्रेस और बीआरएस पर भरोसा किया, उन्हें पैसे की तंगी झेलनी पड़ी। दोनों पार्टियां अब वही धोखा दोहराने की तैयारी कर रही हैं। मैं करीमनगर के लोगों से गुज़ारिश करता हूं कि वे उनकी बातों में न आएं।’ तेलंगाना राज्य निर्वाचन आयोग ने 25 नवंबर को राज्य में ग्राम पंचायत चुनाव के लिए तीन चरण के शेड्यूल का एलान किया था। जिसके तहत 11, 14 और 17 दिसंबर को चुनाव होने हैं।

