Islamabad: पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी करने का फैसला लिया है। इस श्वेत पत्र में हाल के उपचुनावों में धांधली , भ्रष्टाचार , देश में खराब कानून-व्यवस्था के हालात, हालिया कानून में दुर्भावना और पाकिस्तान में आर्थिक मंदी में सरकार की कथित भूमिका का सबूतों के साथ खुलासा किया जाएगा।
श्वेत पत्र के आर्थिक मंदी और भ्रष्टाचार से जुड़े हिस्से के बारे में कैसर ने कहा कि तैमूर खान झगरा, मुहम्मद जुबैर और मुजम्मिल असलम समेत अन्य पार्टी नेता इस पर काम करेंगे। उन्होंने कहा, ‘इसी तरह अन्य टीमें अलग-अलग मुद्दों पर काम करेंगी और आखिर में सभी को श्वेत पत्र में एकसाथ लाया जाएगा। श्वेत पत्र अगले महीने जारी किया जाएगा।’
पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) में सुनवाई के दौरान अली बुखारी ने मांग की थी कि सभी पार्टी सदस्यों के साथ एक जैसा बर्ताव किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब प्रांत के नेताओं ने खैबर पख्तूनख्वा की यात्रा की और बयान दिए, लेकिन ईसीपी ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने कहा, ‘हरिपुर में पीठासीन अधिकारी खैबर पख्तूनख्वा सरकार के कर्मचारी थे, लेकिन रिटर्निंग अधिकारी ईसीपी से थे। उनके कार्यालय के कर्मचारी संघीय सरकार से थे, इसलिए उन्होंने दबाव के बावजूद फॉर्म 45 जारी किया।’ उन्होंने ये भी कहा कि इमरान खान की रिहाई को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।

