लाहौर : इमरान खान की बहन अलीमा खान ने शुक्रवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) में अडियाला जेल सुपरिटेंडेंट और अन्य के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर की है। अलीमा का कहना है कि उन्हें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। अलीमा खान ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के दूसरे नेताओं की मौजूदगी में याचिका दायर की। याचिका में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के 24 मार्च के आदेश का जिक्र किया गया है, जिसमें कोर्ट ने 73 साल के अलीमा को हफ्ते में दो बार जेल में बंद इमरान खान से मिलने का शेड्यूल शुरू किया था।
याचिका में अलीमा ने कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। याचिका में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें अडियाला जेल सुपरिटेंडेंट अब्दुल गफूर अंजुम, सद्दार बेरोनी पुलिस स्टेशन के SHO राजा ऐजाज अजीम, संघीय आंतरिक सचिव कैप्टन (रिटायर्ड) मुहम्मद खुर्रम आगा और पंजाब गृह विभाग के सचिव नूरुल अमीन शामिल हैं।
‘देश के लोगों को ही खुद उठकर अपना हक लेना होगा’
इमरान खान की रिहाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय मदद लेने के सवाल पर नूरीन नियाजी ने कहा कि ‘मुझे लगता है कि देश के लोगों को खुद ही उठकर अपना हक लेना होगा। बाहर से तो कोई मदद नहीं करेगा। बाहर से ये जरूर हुआ था कि साइफर केस में फंसाकर इमरान खान की सरकार को गिराया गया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमारे सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को अपना बहुत अच्छा दोस्त बताया था।’
नूरीन नियाजी ने आगे कहा कि ‘इस वक्त पाकिस्तान में आसिम मुनीर बड़ी ताकत हैं। शहबाज शरीफ तो हार चुके थे, लेकिन आसिम मुनीर की मदद से वे सत्ता में हैं।’ उन्होंने विदेश में रह रहे पाकिस्तानी मूल के लोगों से अपील की कि वे इमरान खान और पाकिस्तान के मौजूदा हालात के खिलाफ लिखें और अपनी आवाज उठाएं कि किस तरह से पाकिस्तान में बदतर हालात हैं और किस तरह से लोगों पर जुल्म हो रहे हैं। इमरान खान की बहन ने कहा कि ‘पाकिस्तान में तानाशाह पहले भी सत्ता में आए हैं, लेकिन उनका भी हश्र अच्छा नहीं हुआ तो इनका भी हश्र अच्छा नहीं होगा। कब तक ये लोग जुल्म करेंगे और लोगों को दबाएंगे?’

