मुंबई :मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से ठीक पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के बीच गठबंधन को लेकर आखिरी समय की बातचीत तेज हो गई है। दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच सोमवार को अहम मुलाकातें हुईं, लेकिन अब तक किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई है।
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोमवार को एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की। वहीं, एमएनएस नेता बाला नंदगांवकर उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री पहुंचे। दोनों नेता अपनी-अपनी पार्टी प्रमुखों के भरोसेमंद माने जाते हैं, जिससे इन बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है।
सीटों के बंटवारे पर अटका मामला
सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन की राह में सबसे बड़ी बाधा उन इलाकों को लेकर है, जहां दोनों दलों का मजबूत जनाधार है। दादर, शिवड़ी, विक्रोली और भांडुप जैसे क्षेत्रों में सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही है। यही वजह है कि लगातार बैठकों के बावजूद तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होकर 30 दिसंबर तक चलेगी। ऐसे में गठबंधन को लेकर समय बेहद कम बचा है। राज्य की 29 नगर निगमों, जिनमें मुंबई भी शामिल है, के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन की राह में सबसे बड़ी बाधा उन इलाकों को लेकर है, जहां दोनों दलों का मजबूत जनाधार है। दादर, शिवड़ी, विक्रोली और भांडुप जैसे क्षेत्रों में सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही है। यही वजह है कि लगातार बैठकों के बावजूद तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होकर 30 दिसंबर तक चलेगी। ऐसे में गठबंधन को लेकर समय बेहद कम बचा है। राज्य की 29 नगर निगमों, जिनमें मुंबई भी शामिल है, के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन की जाएगी।
गठबंधन होगा या नहीं?
हालांकि दोनों दल सार्वजनिक तौर पर यह कहते रहे हैं कि बातचीत खत्म हो चुकी है, लेकिन पर्दे के पीछे जारी बैठकों ने सियासी हलकों में अटकलें तेज कर दी हैं। माना जा रहा है कि अंतिम समय में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

