New Delhi :जम्मू-कश्मीर में साल 2025 में सुरक्षाबलों ने 35 घटनाओं में 46 आतंकियों को मार गिराया। इनमें पहलगाम हमले में शामिल आतंकी सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा, हमजा अफगानी और जिब्रान भी शामिल हैं।
उनका एनकाउंटर 28 जुलाई को किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक इस साल 3 जवान शहीद हुए। फरवरी में अखनूर सेक्टर में IED ब्लास्ट हुआ, 2 जवान शहीद हुए। अप्रैल में उधमपुर के बसंतगढ़ में एक जवान शहीद हुआ था।
कश्मीर फ्रंटियर ने बताया कि बॉर्डर (LoC) पर घुसपैठ की 4 बार कोशिश हुई। इनमें 13 आतंकी शामिल रहे, इनमें से 8 आतंकी मारे गए। 5 आतंकी खदेड़े गए।
इस साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ। 22 अप्रैल को पहलगाम में 25 टूरिस्ट्स और एक लोकल की आतंकियों ने जान ली थी।
इसके जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इसमें PoK में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया था। इस दौरान 100+ आतंकी मारे गए थे।
28 जुलाई: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत 3 आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के दाचीगाम नेशनल पार्क के पास हरवान इलाके में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 3 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। इनमें पहलगाम हमले का मुख्य आरोपी हाशिम मूसा भी शामिल था। सेना ने यह कार्रवाई ऑपरेशन महादेव के तहत की थी। बाकी दो आतंकियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के तौर पर हुई थी।
गृहमंत्री शाह ने इसके अगले दिन 29 जुलाई को संसद में बताया था- जिन आतंकियों ने पहलगाम के बायसरन घाटी में हमारे 26 पर्यटकों को मारा, उन्हें 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में ढेर कर दिया गया। मारे गए तीनों आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे। सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी वोटर ID-चॉकलेट से पहलगाम के आतंकियों की पहचान की।’
LoC पर पाकिस्तानी गोलीबारी में 21 नागरिकों की मौत
अधिकारियों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने 7 से 10 मई के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलाबारी की। अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में की गई इस सीमा पार फायरिंग में कम से कम 21 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी।
गोलाबारी के दौरान रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। इस घटना ने सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात को और गंभीर बना दिया था। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

