नई दिल्ली : राष्ट्रपति भवन में सोमवार को पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के जीवन और विरासत को दर्शाने वाले ‘राजाजी उत्सव’ का आरंभ हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन कल्चरल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस खास मौके पर उन्होंने सी. राजगोपालाचारी की मूर्ति का अनावरण किया। राजगोपालाचारी भारत के पहले और एकमात्र भारतीय गवर्नर-जनरल थे।
इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मौजूद रहे। सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन और राजाजी के परिवार के सदस्य भी वहां उपस्थित थे।
क्या बोले उपराष्ट्रपति?
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि वे आज ‘राजाजी उत्सव’ में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि लुटियंस की जगह राजाजी की मूर्ति लगाना गुलामी की निशानियों से दूर जाने की हमारी यात्रा का एक अहम पड़ाव है। यह कार्यक्रम दिखाता है कि सरकार राष्ट्रीय नायकों को सम्मान देने और देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है।
पीएम मोदी ने बताया गौरव का क्षण
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में राष्ट्रपति द्वारा राजाजी के नाम से प्रसिद्ध चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण भारत की जनता के लिए गौरव का क्षण है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह अवसर और ‘राजाजी उत्सव’ का आयोजन भारत के महत्वपूर्ण राष्ट्रनिर्माताओं में से एक की स्मृति को श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उन्होंने आगे कहा कि ‘राजाजी उत्सव’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले समारोह, जिनमें पुस्तक और पैनल प्रदर्शनी, फिल्म प्रदर्शन और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल हैं, एक महान नेता को श्रद्धांजलि हैं।

