काठमांडू: रैपर से राजनेता बने बालेन शाह नेपाल के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। नेपाल में जेन-जी आंदोलन के बाद हुए चुनाव में उनकी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने बहुत हासिल किया है। नेपाल में 35 साल के बालेन शाह की ऐसी लहर चली कि दिग्गज नेताओं और दशकों से जमी राजनीतिक पार्टियां हवा में उड़ गईं। हालत यह रही कि प्रचंड को छोड़कर कोई भी पूर्व प्रधानमंत्री संसद में भी नहीं पहुंच सका। 2008 के बाद नेपाल में पहली बार कोई पार्टी अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है। ऐसे में सबकी नजर इस तरह है कि पूर्ण बहुमत वाली बालेन शाह की सरकार में नेपाल की विदेश नीति क्या होगी।राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के प्रमुख ने कहा है कि पार्टी नेपाल के मौजूदा विदेश नीति के फ्रेमवर्क में बड़ा बदलाव नहीं करेगी। बीबीसी नेपाली को दिए एक इंटरव्यू में खनाल ने कहा कि विदेश नीति गुट-निरपेक्षता के संवैधानिक सिद्धांत से निर्देशित होगी। उन्होंने कहा कि नीति में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। पार्टी का घोषणापत्र संतुलित और डायनमिक कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

