नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की मदद के लिए एक छोटा सा देश सामने आया है। जी हां आर्मेनिया की सेना ने भारतीय मछुआरों को आज ईरान से आर्मेनिया होते हुए भारत लाने में सहायता की है। अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान का धन्यवाद किया है।
बता दें के तमिलनाडु के सैकड़ों मछुआरे ईरान में फंसे हैं, जिन्हें भारत सरकार जल्द से जल्द निकालने की कोशिश में लगी है। भारत सरकार ने मछुआरे के परिवारों को भरोसा देते हुए कहा कि जल्द से जल्द सभी मछुआरों का रेस्क्यू किया जाएगा। इस बीच कई देश भारत की मदद के लिए आगे आ रहे हैं जो कि राहत की बात है।
एस जयशंकर ने किया आर्मेनिया के विदेश मंत्री का धन्यवाद
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए लिखा कि भारतीय मछुआरों को आज ईरान से आर्मेनिया होते हुए भारत लाने में सहायता करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनिया सरकार को धन्यवाद किया है।
तमिलनाडु के 600 से अधिक मछुआरे ईरान में फंसे
बता दें कि तमिलनाडु के 600 से अधिक मछुआरे ईरान में फंसे हुए हैं। इनमें अधिकतर तमिलनाडु के कन्याकुमारी से हैं, जबकि कुछ थूथुकडी, तिरुनेलवेली और रामनाथपुरम जैसे जिले से हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 717 छात्रों सहित 1,043 भारतीय नागरिकों को ईरान से भारत वापस लाया गया है, और भी लोगों को निकालने की प्रक्रिया चल रही है।
मछुआरा संगठन के महासचिव ने दी बड़ी जानकारी
- इस बीच दक्षिण एशियाई मछुआरा संगठन के महासचिव जॉन चर्चिल ने भी मछुआरों को लेकर बड़ा बयान दिया था।
- उन्होंने केंद्र सरकार पर मछुआरों के प्रचि कम चिंता जताने का आरोप लगाया है।
- उन्होंने कहा कि ईरान में कन्याकुमारी के 450 मछुआरे फंसे हैं। उनमें से कई तो नावों पर ही फंसे हैं।
- अगर उनपर एक भी हमला होता है तो निकलने और भागने के लिए कोई जगह नहीं है।

