अफगानिस्तान। एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सैनिक पर युद्ध अपराधों का मामला दर्ज किया गया है। सैनिक पर अफगानिस्तान में तैनाती के दौरान 5 अफगानियों की हत्या का आरोप है। पुलिस ने बताया कि एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सैनिक पर मंगलवार को युद्ध अपराधों का आरोप लगाया गया है। उस पर आरोप है कि उसने 2009 से 2012 तक अफगानिस्तान में सेवा करते हुए पांच निहत्थे अफगानियों की हत्या कर दी थी।
मंगलवार को उसे सिडनी की एक अदालत में पेश किया जाएगा। सैनिक अफगानिस्तान अभियान का दूसरा ऐसा ऑस्ट्रेलियाई पूर्व सैनिक है जिस पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने 44 वर्षीय आरोपी सैनिक का नाम अभी तक जारी नहीं किया है। स्पेशल एयर सर्विस रेजिमेंट के पूर्व सैनिक ओलिवर शल्ज़ (44) ने युद्ध अपराध हत्या के आरोप में खुद को निर्दोष बताया है। उन पर मई 2012 में उरुज़गान प्रांत के एक गेहूं के खेत में अफगान नागरिक दाद मोहम्मद के सिर में तीन गोलियां मारने का आरोप है।
युद्ध अपराध हत्या के मामले में पूर्व सैनिक को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया में यह एक संघीय अपराध है जिसे सशस्त्र संघर्ष के संदर्भ में जानबूझकर किसी ऐसे व्यक्ति की हत्या के रूप में परिभाषित किया गया है जो सक्रिय रूप से लड़ाई में भाग नहीं ले रहा हो जैसे कि नागरिक, युद्धबंदी या घायल सैनिक।
ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस कमिश्नर क्रिसी बैरेट ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को सिडनी हवाई अड्डे पर ब्रिस्बेन से उड़ान भरने के बाद दूसरे आरोपी पूर्व सैनिक को गिरफ्तार कर लिया। बैरेट ने पत्रकारों से कहा, “यह आरोप है कि अफगानिस्तान में कथित हत्या के समय पीड़ित किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई में शामिल नहीं थे। जब उनकी हत्या की गई, तब पीड़ित निहत्थे थे और ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) के सदस्यों के नियंत्रण में थे।”
ये आरोप 2020 में जारी एक सैन्य रिपोर्ट के बाद लगाए गए हैं, जिसमें सबूत मिले थे कि ऑस्ट्रेलियाई सेना की विशिष्ट टुकड़ी और कमांडो रेजिमेंट के सैनिकों ने गैरकानूनी रूप से 39 अफगान कैदियों, किसानों और अन्य गैर-लड़ाकों की हत्या की थी। युद्ध अपराधों के आरोपों पर पुलिस के साथ काम करने के लिए विशेष जांच कार्यालय की स्थापना की गई थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि अगर वो लोग वे काम कर लें जो उन्हें करने चाहिए तो युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस बात को दोहराया कि मंगलवार ही इसकी अंतिम समय सीमा है।

