इस्लामाबाद : पुलवामा हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की हत्या के मामले में मुजफ्फराबाद के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) ने अब्दुल्ला कमाल नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है।
अब्दुल्ला कमाल पाकिस्तान के वाह कैंट का रहने वाला है। CTD ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से हथियार भी बरामद किया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या में इसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।
रिपोर्ट के मुताबिक घटना के दौरान मौजूद दो अन्य संदिग्ध मौके से भाग निकले। सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं। मामले में आरोपी अब्दुल्ला कमाल की एक्सक्लूसिव फोटो भी सामने आई है।
हमजा बुरहान 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल था। 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे।
हमजा बुरहान को आज इस्लामाबाद के बर्मा टाउन स्थित फातिमा स्कूल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
हमजा पर गुरुवार को मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने कई गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन उसके सिर में लगीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था। वह पहले आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा था और बाद में अल बराक के लिए काम करने लगा। वह मुजफ्फराबाद के चीला बांदी इलाके में भारी सुरक्षा के बीच रह रहा था। उसके पास कमांडो सुरक्षा, बुलेटप्रूफ गाड़ी और एस्कॉर्ट वाहन भी थे।
भारत ने 2022 में उसे UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी माना जाता था। उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी करीबी संबंध थे।
भारत से पाकिस्तान गया, फिर आतंकी संगठन से जुड़ा हमजा
सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है।
वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा।

