बैरकपुर। पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के भड़काऊ बयान पर तीखा पलटवार किया है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि वे 55 साल पहले के अंजाम को न भूलें जब पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि अगर इस बार पाकिस्तान ने बंगाल की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो खुदा ही जाने उसके कितने टुकड़े होंगे। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तानी नेतृत्व को संयम बरतने और इतिहास से सीख लेने की सलाह दी है।
दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में भारत को लेकर एक विवादित बयान दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक आसिफ ने कहा था कि अगर भारत की ओर से कोई भी कार्रवाई होती है तो पाकिस्तान कोलकाता पर हमला करके उसका जवाब देगा। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को इस तरह की भड़काऊ बातें नहीं करनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को अपनी गलतियों की सजा मिली थी और बांग्लादेश के रूप में उसके दो टुकड़े हो गए थे।
टीएमसी ने केंद्र सरकार को घेरा
इस पूरे मामले को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीति भी हो रही है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने सीधे तौर पर कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी दी है लेकिन केंद्र सरकार के बड़े नेताओं ने अभी तक इसकी कड़ी निंदा करने की हिम्मत नहीं जुटाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चुनाव प्रचार में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें बंगाल की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है।
अभिषेक बनर्जी ने क्या दिया था बयान?
अभिषेक बनर्जी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि खुद को 56 इंच का बताने वाले प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह बाहरी खतरों पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बंगाल के लोगों की जिंदगी उनके लिए मायने नहीं रखती। अभिषेक बनर्जी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार में साहस है तो वह सेना और सीमा सुरक्षा बल को खुली छूट दे ताकि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लिया जा सके। उन्होंने पाकिस्तान की धमकी को भारत की संप्रभुता पर हमला बताया और सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

