पूनावाला ने कहा कि संजय राउत भारतीय राजनीति के जोकर हैं। वह और राहुल गांधी घरेलू राजनीतिक लड़ाई के लिए भारत की छवि खराब करने की सुपारी लेकर बैठे हैं। मोदी विरोध में ये लोग देश का विरोध कर रहे हैं।
पूनावाला का दावा
उन्होंने दावा किया कि दुनिया भर में भारतीय लोकतंत्र की सराहना हो रही है, लेकिन विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर झूठे नैरेटिव फैलाने में जुटा है। पूनावाला ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और खबरों के मुताबिक ट्रंप ने भी भाजपा को बधाई दी है।
भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि जब भी चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आते, तब वे संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने लगते हैं।
क्या है मामला?
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर राउत ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने उन खबरों पर सवाल उठाए, जिनमें दावा किया गया था कि ट्रंप ने चुनाव में भाजपा की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। राउत ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव भारत के संघीय लोकतंत्र का आंतरिक मामला है और किसी बाहरी नेता की ओर से इस तरह की प्रतिक्रिया समय से पहले और अनुचित प्रतीत होती है।
राउत ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं भी जताईं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान डर, दबाव और प्रशासनिक पक्षपात की शिकायतें सामने आईं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करता नहीं दिखा और उसकी कार्यप्रणाली भाजपा के पक्ष में नजर आई, जिससे संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए।
उन्होंने केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इससे मतदाताओं में भरोसा पैदा होने के बजाय दबाव का माहौल बना। राउत ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए मुद्दों का हवाला देते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर जो चिंताएं सामने आई हैं, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राउत ने अपने पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय हों। गंभीर आरोपों की स्थिति में जश्न मनाने के बजाय उनकी जांच होनी चाहिए।