उन्नाव: हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। एक्सप्रेस-वे के बगल में ढलान वाली जगह पर घायल तड़पते रहे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। 6-7 एंबुलेंस की मदद से 32 घायलों को पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। फर्श पर खून ही खून फैल गया। घायल दर्द से कराहते रहे।
गंभीर घायल लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर
CHC में डॉक्टरों ने 6 यात्रियों को मृत घोषित कर दिया। बाकी को प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, बस में अधिकतर यात्री बस्ती, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर के रहने वाले थे। सीएम योगी ने हादसे का संज्ञान लिया है। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है।
एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लगा
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। लंबा जाम लग गया। मृतकों में दरोगा-कैदी के अलावा सुरेश कुमार जायसवाल निवासी मुंडेरा बाजार (गोरखपुर), विदेशी गुप्ता निवासी मदपुर (गोरखपुर), विजय कुमार निवासी फारेसन गोविंदपुर (बस्ती) शामिल हैं। 2 की पहचान अब भी बाकी है।
‘अचानक तेज झटका लगा, धमाके जैसी आवाज हुई’
घायल यात्री बृजेश कुमार ने बताया कि वह हरियाणा के बल्लभगढ़ के रहने वाले हैं। रात के वक्त बस में सो रहे थे। अचानक तेज झटका लगा। धमाके जैसी आवाज हुई। इससे पहले कुछ समझ पाते सामने अंधेरा छा गया। होश आने पर खुद को सीएचसी में भर्ती पाया।
घायल सिपाही बोला- हादसे के वक्त सभी गहरी नींद में थे
हादसे में घायल सिपाही रामजी ने बताया- बिहार के सिवान पुलिस लाइन में तैनात हूं। सोमवार रात 8.30 बजे दिल्ली से गोरखपुर के लिए निकले थे। सभी यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक धमाके जैसी आवाज हुई। नींद खुली तो बस पलटी हुई थी। चीख-पुकार मची हुई थी। बाद में पता चला कि उनके साथ यात्रा कर रहे दरोगा और कैदी की मौत हो गई है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- वह सुबह घर से टहलने निकले थे। तभी अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। पीछे मुड़कर देखा तो बस दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी थी। यात्री खिड़कियों से नीचे गिर रहे थे। कुछ यात्री बस का शीशे तोड़कर बाहर निकल रहे थे। उन्होंने तुरंत डायल 100 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

