Delhi : आजकल लोगों को ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने की आदत सी पड़ गई है. ऐसे में फूड डिलीवरी वाले भी धड़ल्ले से लोगों को लूट रहे हैं. हाल ही में एक ऐसा केस सामने आया है, जिसमें महज 379 के ऑर्डर पर 744 रुपए का डिलीवरी चार्ज लगाया गया और फिर अलग- अलग तरह के टैक्स लगाकर बिल बना 1306 रुपए 40 पैसे का. आइये इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.
क्या है पूरा मामला?
जोमैटो से खाना ऑर्डर करने वाले एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर अपने ऑर्डर का बिल शेयर किया है. इस बिल में खाना तो 379 रुपए का ही है. लेकिन डिलीवरी चार्ज 744 रुपए नजर आ रहा है. बात इतने पर ही खत्म नहीं हुई.
इसी ऑर्डर पर 19 रुपए का पैकेंजिंग चार्ज, 14.90 रुपए का प्लेटफॉर्म चार्ज और फिर ऊपर से 149.50 रुपए का जीएसटी भी लगा दिया गया. अब इतने तरह के चार्ज लगाने के बाद 379 रुपए का खाना यूजर को 1306.40 रुपए का पड़ा. इसके बाद यूजर ने रेस्त्रां का कूपन लगाया तो बिल कम होकर 1166 रुपए पर आया. यूजर ने इसके बाद इस बिल को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ऑर्डर फ्लाइट से डिलीवर होगा क्या.
क्यों महंगा हो जाता है ऑनलाइन खाना मंगाना?
असल में आप जब रेस्त्रां में जाकर खाते हैं तो सिर्फ खाने का चार्ज और जीएसटी का पैसा देते हैं लेकिन जब खाना ऑनलाइन ऑर्डर होता है तब खाने की डिश का चार्ज और जीएसटी के अलावा प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज वगैरह बिल के साथ जुड़ जाता है. कई बार को बारिश या खराब मौसम में रेन चार्ज भी लगा दिया जाता है. ऐसे में खाने की ऑनलाइन डिलीवरी हमेशा महंगी पड़ती है.

