चेन्नई : बीते नवंबर में अरुणाचल प्रदेश की एक महिला ने चीन पर आरोप लगाया था कि भारतीय पासपोर्ट होने के चलते उनका चीन के हवाई अड्डे पर उत्पीड़न किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि चीन के आव्रजन अधिकारियों ने उनके भारतीय पासपोर्ट को मानने से ही इनकार कर दिया था। अब इसे मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपनी बात रखी। उन्होंने इसे चीन की चालबाजी करार दिया और सख्त लहजे में कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा।
जयशंकर बोले- अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा
चेन्नई में आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अरुणाचल प्रदेश की महिला को कथित तौर पर चीन के आव्रजन अधिकारियों द्वारा शंघाई हवाई अड्डे पर उत्पीड़न किए जाने को लेकर सवाल किया गया। इस पर जयशंकर ने कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। इस तरह की चालबाजियों से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी।’
चेन्नई में आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अरुणाचल प्रदेश की महिला को कथित तौर पर चीन के आव्रजन अधिकारियों द्वारा शंघाई हवाई अड्डे पर उत्पीड़न किए जाने को लेकर सवाल किया गया। इस पर जयशंकर ने कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। इस तरह की चालबाजियों से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी।’
जयशंकर ने कहा, ‘हमने इस मुद्दे पर चीन के सामने अपना विरोध दर्ज कराया था। साथ ही हमने साफ कह दिया कि इस तरह की चीजें करने से कुछ भी नहीं बदलने वाला। लेकिन यह एक बड़ा मुद्दा है और लोगों को आवागमन के लिए अंतरराष्ट्रीय नियम, कायदे-कानून हैं और हम चाहते हैं कि देश इनका सम्मान करें। हमारा इस मुद्दे पर दृढ़ रुख रहा।’
विदेश मंत्री ने पाकिस्तान पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान डॉ. जयशंकर से भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘आपके पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं। अगर हम पश्चिम की तरफ देखें तो पता चलता है कि दुर्भाग्य से हमारे साथ भी ऐसा है। अगर कोई देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद फैलाता है तो हमारे पास भी आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार मौजूद है और हम उसका इस्तेमाल भी करेंगे, लेकिन ये हम पर है कि हम इसका कैसे इस्तेमाल करते हैं। कोई हमें ये नहीं बता सकता कि क्या करना चाहिए या क्या नहीं। अपनी सुरक्षा के लिए हम वो सबकुछ करेंगे, जो हमें करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. जयशंकर से भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘आपके पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं। अगर हम पश्चिम की तरफ देखें तो पता चलता है कि दुर्भाग्य से हमारे साथ भी ऐसा है। अगर कोई देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद फैलाता है तो हमारे पास भी आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार मौजूद है और हम उसका इस्तेमाल भी करेंगे, लेकिन ये हम पर है कि हम इसका कैसे इस्तेमाल करते हैं। कोई हमें ये नहीं बता सकता कि क्या करना चाहिए या क्या नहीं। अपनी सुरक्षा के लिए हम वो सबकुछ करेंगे, जो हमें करना चाहिए।

