कर्नाटक। कर्नाटक के डिप्टी चीफ मिनिस्टर डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य के स्कूलों में मोबाइल फोन पर रोक लगाने के मुद्दे पर चर्चा चल रही है। उन्होंने बताया कि बच्चों के माता-पिता की तरफ से भी ऐसा करने का दबाव है। मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि कई देशों ने इस तरह के कदम उठाए हैं और दुनिया भर में इस पर बात हो रही है। स्कूलों में बच्चों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मोबाइल फोन का गलत इस्तेमाल कैसे हो रहा है, यह सार्वजनिक रूप से बताना ठीक नहीं है, लेकिन इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
दलित मुख्यमंत्री की मांग पर पूछे गए सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि मंत्री महादेवप्पा हमारे राष्ट्रीय नेता हैं और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। बंगलूरू की झीलों के पानी पर आई रिपोर्ट को लेकर उन्होंने साफ कहा कि सरकार ने कभी नहीं कहा कि झील का पानी पीने या नहाने के लिए है। झीलें भूजल स्तर बढ़ाने के लिए हैं। पीने का पानी बीडब्ल्यूएसएसबी के द्वारा अलग से साफ करके सप्लाई किया जाता है।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ कानून पर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए हैं। पुराने काम की मजदूरी भी जारी नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों और गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है। इसी मुद्दे पर चिक्काबल्लापुर में ‘नरेगा बचाओ आंदोलन’ के तहत बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया है।

