नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारत की रक्षा तैयारियों की समीक्षा की। नई दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में सीडीएस जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के अलावा डीआरडी के अध्यक्ष डॉ. समीर कामत और अन्य अफसर मौजूद रहे।
पश्चिम एशिया के हालात चिंताजनकः राजनाथ सिंह
इससे पहले हल्द्वानी में राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, और इस बात पर जोर दिया है कि इसका समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। यह देखते हुए कि दुनिया इस समय संकट के दौर से गुजर रही है, और कई क्षेत्रों में संघर्ष जारी हैं, उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे लगातार हमले न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं।
ईरान इजरायल युद्ध के बीच पूरे पश्चिम एशिया में तनाव स्थिति को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का साफ मानना है कि इसका समाधान ‘बातचीत और कूटनीति’ से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया एक संकट के दौर से गुजर रही है, जहां पश्चिम एशिया में लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चिंता का विषय है।
भारत ने साफ तौर पर अपना पक्ष रखा
रक्षा मंत्री ने कहा था कि भारत ने साफ तौर पर अपना पक्ष रखा था और आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस समय विश्व की सबसे गंभीर समस्या है (पश्चिम एशिया में ) युद्ध और उसका समाधान युद्ध के माध्यम से नहीं बल्कि ‘बातचीत और कूटनीति’ से ही निकलेगा।

