पुदुचेरी : वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के नेता प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लगभग 2.9 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। आंबेडकर का कहा कि इतने बड़े पैमाने पर नामों को हटाने की प्रक्रिया आगामी चुनावों के परिणामों को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में भी आंबेडकर ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में अनियमितताओं से राज्य में बड़े पैमाने पर मतदाताओं को बाहर किया जा सकता है।
एसआईआर का क्या है उद्देश्य और इससे जुड़ा विवाद?
विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूचियों में विसंगतियों को दूर करना है, जिसमें डुप्लिकेट प्रविष्टियां और मृत व्यक्तियों के नाम शामिल होते हैं। यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों को अद्यतन और त्रुटि मुक्त रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
हालांकि, विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग चुनिंदा विचारधाराओं या समुदायों से संबंधित मतदाताओं को बाहर करने के लिए किया जा रहा है। आंबेडकर का दावा इसी चिंता को रेखांकित करता है।

