वॉशिंगटन : अमेरिका में विदेशी छात्रों से जुड़े एक अहम वर्क परमिट कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ‘ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी)’ प्रोग्राम को खत्म करने की अपील की। उनका दावा है कि यह योजना अमेरिकी युवाओं के रोजगार पर असर डाल रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है, खासकर चीन के संदर्भ में।
सीनेटर रिक स्कॉट ने दावा किया कि ओपीटी प्रोग्राम इस समस्या को और बढ़ा रहा है। उनके अनुसार, इस समय 5 लाख से ज्यादा छात्र वीजा धारकों के पास ओपीटी वर्क परमिट हैं, जो उन्हें पढ़ाई के बाद भी अमेरिका में काम करने और अमेरिकी युवाओं से प्रतिस्पर्धा करने के मौके देता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सीनेटर स्कॉट ने कहा कि यह सिस्टम जासूसी और तकनीकी जानकारी के ट्रांसफर के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने बताया कि करीब 33,000 चीनी नागरिक एसटीईएम ओपीटी के तहत अमेरिका में काम कर रहे हैं, जिनमें से कई विश्वविद्यालयों और बड़ी टेक कंपनियों में काम करते हैं, जहां उन्हें संवेदनशील तकनीकी जानकारी तक पहुंच मिलती है।
इसके अलावा, सीनेटर स्कॉट ने कहा कि ओपीटी प्रोग्राम का कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं है और यह केवल नियमों के जरिए बनाया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसटीईएम ओपीटी विस्तार, एच-1बी वीजा की सीमाओं को दरकिनार करने का एक तरीका है।

