देहरादून : प्रदेश में मदरसों के मान्यता न लेने पर सरकार सख्त रुख अपनाने हुए अब कानूनी कार्रवाई करने जा रही है। धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड को भंग कर पहली बार उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। अब प्रदेश में संचालित मदरसों को राज्य शिक्षा बोर्ड के माध्यम से पाठ्यक्रम पढ़ाने के लिए प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी।
जो मदरसे मान्यता नहीं ले रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी है। समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने से बातचीत में मदरसों की मान्यता, अल्पसंख्यक व समाज के अन्य वर्गों के लिए सरकार की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में विधवा पेंशन में वृद्धि के साथ ही इसका नाम बदलकर एकल नारी सम्मान किया जाएगा।
सवाल : मंत्रिमंडल में ऐसे समय में जगह मिली जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे जनता में छाप छोड़ने के लिए आपकी क्या प्राथमिकताएं होंगी।
जवाब : सही बात है कम समय है और काम ज्यादा है, इसी साल मार्च में समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिली, मुख्यमंत्री ने काम करने का मौका दिया है। हमारे सामने जो काम है, उसे पूरा करने की चुनौती है, पेंशनधारकों को पहले पेंशन मिलने में देरी होती थी, लेकिन अब एक क्लिक में सभी पेंशनधारकों के खातों में समय पर पेंशन जा रही है। सरकार नौ लाख 87 हजार लोगों को सात तारीख से पहले पेंशन दे रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।