दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट की मातृत्व और खेल करियर से जुड़े एक अहम सवाल पर विचार करने की बात कही है। कोर्ट यह देखेगा कि मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों की खेल में वापसी और प्रतियोगिताओं की पात्रता के नियमों के बीच किस तरह संतुलन बनाया जा सकता है। विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं। इसके बाद वह मैटरनिटी लीव से लौट चुकी हैं। उन्होंने 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए होने वाले महिला चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी।
क्या मां बनने और करियर में से एक चुनना होगा?’
हाईकोर्ट ने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि मातृत्व और खेल करियर के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। साथ ही यह भी विचार करने की जरूरत है कि क्या किसी महिला खिलाड़ी को मां बनने और अपने खेल करियर को जारी रखने में से किसी एक को चुनने की स्थिति में आना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि इस मुद्दे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मामले की आगे की सुनवाई में इस पहलू पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
भारतीय कुश्ती महासंघ ने सात सितंबर को चयन ट्रायल के लिए पात्रता से जुड़े नियम तय किए थे। इन नियमों के तहत कुछ अनिवार्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना जरूरी है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये नियम सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं। अगर कोई पहलवान तय अनिवार्य प्रतियोगिताओं में शामिल नहीं हुआ है, तो मौजूदा नियमों के तहत उसे चयन ट्रायल के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।