Actress Rape Case: केरल में करीब आठ साल से चल रही सबसे चर्चित और विवादित केस फाइल का चैप्टर आखिरकार सोमवार को बंद हो गया। एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने मलयालम फिल्म स्टार दिलीप को 2017 के हाई-प्रोफाइल अभिनेत्री अपहरण और हमले के मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस केस में दिलीप की भूमिका के पक्ष में कोई ठोस सबूत नहीं मिले इसलिए उन्हें बरी किया जाता है। इसी बीच अभिनेता ने इस मामले पर बात करते हुए उनके खिलाफ हुई साजिश बताया है।
मामले में शामिल छह अन्य आरोपियों को अदालत ने दोषी पाया है, जबकि तीन अन्य को भी दिलीप की तरह बरी कर दिया गया। दोषी करार दिए गए छहआरोपियों पर इन धाराओं के तहत अभियोग सिद्ध हुआ- आईपीसी 120B- आपराधिक साजिश, आईपीसी 342- अवैध बंधक, आईपीएसी 354 और 354B- कपड़े उतारने की कोशिश, आईपीसी 366- अपहरण, आईपीसी 376D- गैंगरेप, आईटी एक्ट 67, 67A- अश्लील सामग्री बनाना और प्रसारित करना शामिल है। कोर्ट ने जिन छह को दोषी पाया है, उनमें मुख्य आरोपी पल्सर सुनी भी शामिल है। दोषियों की सजा का ऐलान 12 दिसंबर को किया जाएगा।
फैसले के तुरंत बाद दिलीप कोर्ट के बाहर मीडिया से मिले। उन्होंने पुलिस और कुछ मीडिया संगठनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- ‘मेरे खिलाफ शुरू से साज़िश रची गई।’ इसके अलावा उन्होंने कहा कि फर्जी कहानी बनाकर उन्हें अपराधी साबित करने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा,’मेरे करियर, मेरी इमेज और मेरे जीवन को खत्म करने की कोशिश की गई।’ इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार, फैन्स और वकीलों का आभार जताते हुए कहा कि सच की जीत हुई है।
पूर्व पत्नी मंजू वारियर की टिप्पणी
दिलीप ने अपने बयान में बिना नाम लिए अपनी पूर्व पत्नी और अभिनेत्री मंजू वारियर की टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसने 2017 में घटना के बाद एक मीटिंग में कहा था कि इस अपराध के पीछे कोई बड़ी साजिश है। दिलीप ने दावा किया कि इसी टिप्पणी के बाद कथित षड्यंत्र की पटकथा रची गई।
कोर्ट में मौजूद थीं पीड़िता
दें घटना की पीड़िता जो मलयालम और तमिल सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्री रही हैं, फैसला सुनाने के दौरान कोर्ट में मौजूद थीं। उन्होंने इस मामले को अंत तक लड़कर राष्ट्रीय स्तर पर महिला सुरक्षा की बहस को मजबूत किया था। उन्होंने पूर्व में केस को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की भी अपील की थी, जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
एक केस जिसने हिला दिया था केरल
फरवरी 2017 की वह रात मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास का सबसे सनसनीखेज अध्याय बन गई थी। एक जानी-मानी दक्षिण भारतीय अभिनेत्री को चलती कार में दो घंटे तक किडनैप कर यौन उत्पीड़न किया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने इसे सुनियोजित आपराधिक साजिश बताया और दिलीप को इस षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार बताया था। हालांकि, लंबे ट्रायल के दौरान 261 गवाहों की गवाही हुई, 28 गवाह मुकर गए, दो स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पद छोड़ गए, 438 दिन तक गवाहों की जिरह चली, नए सबूतों और फॉरेंसिक विश्लेषणों पर सवाल उठते रहे। इन सबके बीच केस लगातार विवादों, इस्तीफों, आरोपों और प्रत्यारोपों से घिरा रहा।

