पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब अपने आठवें दिन में प्रवेश कर रहा है। इसके बाद भी अमेरिका और इस्राइल का ईरान ताबड़तोड़ हमले और ईरान का इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले ने पूरे पश्चिम एशिया को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। दोनों तरफ से जारी बमबारी के बीच अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने और हथियार उत्पादन चौगुना करने की योजना का खुलासा किया है।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि इन हथियारों का उत्पादन जल्द से जल्द और उच्च मात्रा में हासिल करना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन हथियारों के उत्पादन विस्तार का काम तीन महीने पहले ही शुरू हो चुका है और कई हथियारों की निर्माण प्रक्रिया अब भी चल रही है।अपने पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि बैठक में अमेरिका की प्रमुख सैन्य हथियार निर्माण कंपनियों के सीईओ, जिनमें बीएई सिस्टम्स, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस, एल3 हैरिस मिसाइल सॉल्यूशंस, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुमन और रेथियन शामिल थे। ट्रंप के अनुसार, इन कंपनियों ने उत्पादन और उत्पादन शेड्यूल को लेकर विस्तार से चर्चा की और उच्च मात्रा में हथियार बनाने पर सहमति जताई। उन्होंने बताया कि बैठक के समापन पर अगले दो महीनों में एक और बैठक निर्धारित की गई है।
अमेरिक में गोला-बारूद हथियार का जखीरा
अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च मध्यम श्रेणी के गोला‑बारूद की आपूर्ति लगभग अनंत है। उन्होंने यह भी बताया कि इन हथियारों का प्रयोग पहले ईरान में किया गया और हाल ही में वेनेजुएला में भी इसका इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इन स्तरों पर अपने ऑर्डर भी बढ़ा दिए हैं ताकि आवश्यकतानुसार उत्पादन जारी रहे। ट्रंप के इस बयान से यह तो साफ है कि अमेरिका न केवल अपने हथियार भंडार को बढ़ा रहा है, बल्कि रक्षा कंपनियों के उत्पादन विस्तार से रोजगार और तकनीकी विकास को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। दूसरी ओर विशेषज्ञों की माने तो यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है और अमेरिका अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है। अमेरिका यह दिखाना चाहता है कि वह किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है और उसके पास पर्याप्त हथियार और गोला‑बारूद उपलब्ध हैं। वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि वास्तविक हथियार भंडार की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं की गई है और प्रचारित अनंत आपूर्ति की धारणा वास्तविकता से थोड़ी भिन्न हो सकती है।

