America : अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने वाले प्रवासियों को खुद को अमेरिकी समझना चाहिए, न कि उस देश का नागरिक जहां से वे आए हैं। वेंस ने यह भी कहा कि उनकी शादी भारतीय प्रवासी की बेटी से हुई है जिन्होंने अमेरिका में बहुत योगदान दिया है लेकिन उनके ससुर ने उनसे कभी भी विशेष रूप से अपने मूल देश के हित में कुछ भी करने के लिए नहीं कहा।
जॉर्जिया यूनिवर्सिटी में मंगलवार को छात्रों को संबोधित करते हुए भारतीय मूल की एक छात्रा के प्रश्न के उत्तर में जेडी वेंस ने कहा, ”जब आप अमेरिकी नागरिक बनते हैं, फिर चाहे आपके परिवार की नौ पीढ़ियां अमेरिका में रही हों या आपके परिवार की एक भी पीढ़ी अमेरिका में नहीं रही हो। ऐसे में जिस जिम्मेदारी की नागरिकों से अपेक्षा की जाती है उनमें से एक यह है कि आपको अमेरिका के सर्वोत्तम हित के बारे में सोचना होगा न कि उस देश के बारे में जिससे आप पहले आए थे या किसी भी समूह के बारे में जिससे आप आए थे।”
आपको खुद को एक अमेरिकी के रूप में सोचना होगा- जेडी वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने टर्निंग पॉइंट यूएसए द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ”आपको खुद को एक अमेरिकी के रूप में सोचना होगा। यह व्यवस्था तभी काम करती है जब हर कोई खुद को एक अमेरिकी के रूप में सोचे।” वेंस ने अपने सीनेट चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक घटना को याद किया जिसमें यूक्रेनी मूल के एक अमेरिकी ने उनसे उसके देश (यूक्रेन) का समर्थन करने के लिए कुछ करने का अनुरोध किया था।
वेंस बोले- मेरे ससुर ने एक बार भी मुझसे नहीं कहा कि आपको भारत के लिए कुछ करना होगा
जेडी वेंस ने उस घटना को याद करते हुए यूक्रेनी मूल के अमेरिकी से कही गई अपनी बात का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”महोदय, पूरे सम्मान के साथ मैं कहना चाहता हूं कि अगर आप एक अमेरिकी हैं तो आपका देश अमेरिका है न कि वह स्थान जहां से आप कभी भी आकर बसे हैं।” वेंस ने कहा कि उनके ससुर भारत से अमेरिका आए, यहीं शिक्षा प्राप्त की और अमेरिकी नागरिक बन गए। मेरे जीवन में उन्होंने कभी भी, एक बार भी मुझसे ये नहीं कहा कि आपको यह करना होगा या आपको यह करना चाहिए क्योंकि यह उस देश के सर्वोत्तम हित में है जहां से मैं आया हूं।”
उपराष्ट्रपति का विवाह उषा वेंस से हुआ है। उषा वेंस लक्ष्मी और राधाकृष्ण चिलिकुरी की बेटी हैं जो 1980 के दशक में अमेरिका में आकर बस गए थे। उन्होंने कहा कि एच-1बी प्रणाली में बहुत धोखाधड़ी होती है लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में अमेरिका आये लोगों ने इस देश को समृद्ध बनाया है।पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता आखिरकार बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। इस पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच काफी लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया इसलिए अमेरिकी टीम अब वापस लौट रही है

