मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों के खाने के दांत अलग हैं और दिखाने के अलग। जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। उनके वक्तव्य के दौरान विपक्ष का हंगामा जारी रहा, लेकिन मुख्यमंत्री ने सरकार का पक्ष विस्तार से सदन के सामने रख रहें हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं होगा। सब एक ही बाट से तौले जाएंगे। इस दौरान सीएम ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष बताएं कि हम अपने दो बेटों को अलग-अलग दृष्टिकोण से क्यों देखते हैं?
समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पर सदन में वक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को सुझाव देने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती रही है तथा देश की जनता की पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बाद मध्य प्रदेश में भेदभाव से मुक्ति मिलेगी। उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता लागू होने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसियों के “दांत खाने के और, दिखाने के और हैं।” अब कांग्रेस का पाखंड और दोहरा चरित्र नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का रत्तीभर भी सम्मान करती है तो उसे इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए। उनका आरोप था कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति करते हुए हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से काम करती रही है। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कांग्रेस विधायक “चंदा चोरों” और “गद्दी छोड़ो” के नारे लगाते रहे।
93 प्रतिशत नागरिकों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया
डॉ. यादव ने दावा किया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत नागरिकों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच ऐसी है कि वह सीधी बात भी तिरछी नजर से देखती है। इसी संदर्भ में उन्होंने “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी” चौपाई का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के नागरिकों के सामाजिक और धार्मिक संस्कार पहले की तरह जारी रहेंगे। हालांकि, प्रदेश में होने वाले सभी विवाहों का शासकीय पंजीयन अनिवार्य होगा। पंजीयन नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि एक पत्नी के रहते हुए दूसरा विवाह और एक पति के रहते हुए दूसरा विवाह करने की अनुमति नहीं होगी।
कांग्रेस के लगातार हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और सामाजिक समानता का कानून है तथा सभी दलों से इसका समर्थन करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ था, लेकिन भोपाल को तत्काल आजाद घोषित नहीं किया गया था और उसे पाकिस्तान से मिलाने की कोशिश की गई थी। ऐसे लोगों को “डूब मरना चाहिए।”