नई दिल्ली: यूरोपीय देश बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। 21 दिसंबर, 1970 में जन्मे बार्ट अल्बर्ट लिलियन डी वेवर को उनके देश के लोग BDW कहकर बुलाते हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ली है। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बार्ट डी वेवर को इजरायल के यहूदियों के खिलाफ टिप्पणी करने पर माफी मांगनी पड़ी थी। यह वही इजरायल है, जिसका भारत पक्का दोस्त है। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में ही उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) और यूरोपीय यूनियन का मुख्यालय है।
बेल्जियम के राजा ने BWD को दी थी सरकार बनाने की जिम्मेदारी
- बार्ट डी वेवर फरवरी 2025 से बेल्जियम के प्रधानमंत्री हैं। वह 2004 से 2025 तक ‘न्यू फ्लेमिश एलायंस’ (N-VA) के नेता रहे, जो फ्लेमिश स्वतंत्रता की वकालत करने वाली एक राजनीतिक पार्टी है। जनवरी 2013 से फरवरी 2025 तक 2012 के नगरपालिका चुनावों के बाद वे एंटवर्प के मेयर रहे।
- डी वेवर के नेतृत्व में उनकी पार्टी ने 2010 के संघीय चुनावों में जीत हासिल की, जब N-VA फ्लैंडर्स और पूरे बेल्जियम में सबसे बड़ी पार्टी बन गई। उन्होंने अगले तीन चुनावों में भी यही सफलता दोहराई और आखिरकार 2024 के चुनावों के बाद राजा फिलिप ने उन्हें नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।इस बीच, भारत दौरे पर पहुंचे बार्ट डी वेवर ने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ली है। विदेश मंत्रालय ने दोनों की मुलाकात की फोटो भी सोशल मीडिया एक्स पर शेयर की है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने लिखा-‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हैदराबाद हाउस में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेता भारत-बेल्जियम साझेदारी को और मजबूत करने के मकसद से बातचीत करने वाले हैं।’
यहूदियों के खिलाफ टिप्पणी को लेकर मांगी माफी
अक्टूबर 2007 में एंटवर्प के तत्कालीन मेयर पैट्रिक जान्सेंस ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों को देश से बाहर भेजने में शहर की मिलीभगत के लिए माफी मांगी। इसके बाद बार्ट डी वेवर ने कहा-‘एंटवर्प ने यहूदियों को देश से बाहर भेजने का काम नहीं किया था, बल्कि वह खुद नाजी कब्जे का शिकार था…उस समय सत्ता में बैठे लोगों को मुश्किल हालात में कठिन फैसले लेने पड़े थे। मुझे उन्हें अब बुरा-भला कहना या उन पर आरोप लगाना बहुत बहादुरी का काम नहीं लगता।’ उनकी इस बात को लेकर काफी विवाद हुआ तो उन्होंने माफी मांग ली। डी वेवर ने एंटवर्प के यहूदी समुदाय के प्रतिनिधियों से और ‘डी स्टैंडर्ड’ अखबार को लिखे एक खुले पत्र के जरिए व्यक्तिगत रूप से माफी मांगी।
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दुनिया की हीरामंडी एंटवर्प के पहली बार गैर समाजवादी मेयर बने
- दुनिया की हीरामंडी कहे जाने वाले एंटवर्प के मेयर के तौर पर डी वेवर ने 1 जनवरी 2013 को शपथ ली थी। इसके साथ ही 1933 के बाद पहली बार शहर का मेयर कोई गैर-समाजवादी राजनेता (लियो डेलवाइड को छोड़कर) बना। दिसंबर 2013 में, बेल्जियम के अखबार ‘हेट लात्स्ते न्युव्स’ को डाक से एक गोली और बार्ट डी वेवर के नाम एक पत्र मिला, जो जाहिर तौर पर किसी कम्युनिस्ट चरमपंथी की ओर से था। डी वेवर को पुलिस सुरक्षा दी गई।
- नवंबर 2013 में गंभीर एंजॉयटी और सीने में दर्द के कारण डी वेवर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। फरवरी 2014 में फेफड़ों के गंभीर संक्रमण के कारण उन्हें फिर से इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती करना पड़ा।
- राजनीतिक तौर पर डी वेवर ने खुद को कंजर्वेटिव और फ्लेमिश राष्ट्रवादी बताया है। वे एडमंड बर्क और उनकी राजनीतिक विचारधारा के प्रशंसक हैं। उन्होंने ब्रिटिश कंजर्वेटिव लेखक और सामाजिक आलोचक थियोडोर डैलरिम्पल, पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर और ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री फ्रेडरिक हायेक को अपनी सोच पर असर डालने वाले लोगों के तौर पर बताया है।

