Assam: असम में कांग्रेस ने अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले राइजर दल से अपना राजनीतिक गठबंधन औपचारिक रूप से खत्म कर दिया है। कांग्रेस ने क्षेत्रीय दल पर गठबंधन के तय मानकों और राजनीतिक मर्यादाओं का बार-बार उल्लंघन करने का
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि राइजर दल नेतृत्व ने विपक्षी गठबंधन में शामिल अन्य दलों के नेताओं के खिलाफ निराधार, अनावश्यक और अपमानजनक बयान दिए।कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से गठबंधन के मूल सिद्धांत कमजोर हुए और दोनों दलों के बीच राजनीतिक संबंध बनाए रखना मुश्किल हो गया।
दोनों दलों के बीच पिछले एक सप्ताह से सार्वजनिक तौर पर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे थे। रविवार को प्रदेश कांग्रेस ने अखिल गोगोई के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोर्थाकुर और कांग्रेस के मीडिया एवं संचार विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने गोगोई के राजनीतिक आचरण पर सवाल उठाए थे। बोरा ने गोगोई पर गठबंधन के सिद्धांतों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उनपर कथित तौर पर ‘सरकार का एजेंट’ की तरह काम नहीं करने की चेतावनी दी थी।
उन्होंने गौरव गोगोई और पूर्व नेता प्रतिपक्ष देबरत सैकिया का बचाव करते हुए कहा था कि दोनों नेता बाढ़ राहत और पुनर्वास के काम में सक्रिय रहे हैं। बोरा ने यह भी दावा किया था कि शिवसागर से अखिल गोगोई की चुनावी जीत में कांग्रेस के समर्थन की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
भाजपा सरकार के खिलाफ अभियान जारी रखेगी कांग्रेस
गठबंधन खत्म करने के बावजूद कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह असम के जन मुद्दों को उठाना जारी रखेगी। पार्टी ने कहा कि भाजपा नीत सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों, अन्याय और कुशासन के खिलाफ उसका अभियान जारी रहेगा। 2026 के असम विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 126 में से 82 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 19 सीटें मिलीं। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद को 10-10 सीटें मिलीं, जबकि राइजर दल और एआईयूडीएफ ने दो-दो सीटें जीतीं। तृणमूल कांग्रेस को एक सीट मिली।

