नई दिल्ली: महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर संसद के विशेष सत्र में चर्चा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को कहा कि यह मुसलमानों की राजनीति को खत्म करने के लिए लाया गया है।
हैदराबाद के एआईएमआईएम सांसद ने पहले तो यह आशंका जताई कि ‘अगर ये विधेयक कानून बन गए तो इस सदन (लोकसभा) में विपक्ष की आवाज खत्म हो जाएगी। अगर आप इस संविधान संशोधन बिल को परिसीमन बिल के साथ पढ़ें तो सीटों का आवंटन जनसंख्या के आधार पर होगा।’उन्होंने आगे कहा ‘जिनकी आबादी ज्यादा है,उन्हें ज्यादा सीटें मिलेंगी और जिनकी आबादी कम है, उन्हें कम सीटें मिलेंगी। परिसीमन हर 10 साल में नहीं होगा। यह जनगणना पर आधारित नहीं होगा। बल्कि, सरकार तय करेगी कि परिसीमन होगा या नहीं…। सच्चाई ये रहेगी कि उत्तर दक्षिण पर शासन करेगा, उत्तर का विस्तार होगा और उसकी पूर्ति दक्षिण करेगा।’
दक्षिणी राज्यों को सजा देने का आरोप
- ओवैसी ने यह भी कहा कि दक्षिण राज्यों पर ‘देश का 30% जीडीपी निर्भर है और कर राजस्व में उनका हिस्सा 21% है’।
- दक्षिण को ‘गुड गवर्नेंस की सजा’ दी जा रही है।
ओवैसी ने दावा किया कि सरकार चाह रही है कि इन विधेयकों के माध्यम से मुसलमानों को राजनीतिक तौर पर मिटा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को मुस्लिम वोट की जरूरत नहीं है, इसलिए वह ऐसे कदम उठा रही है।

