Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले को कल एक साल पूरे होंगे, लेकिन इस त्रासदी में मारे गए 26 पर्यटकों में से एक एन रामचंद्रन का परिवार आज भी सदमे से उबर नहीं पाया है। 65 वर्षीय रामचंद्रन अपनी पत्नी, बेटी और पोते-पोतियों के साथ कश्मीर में छुट्टी मना रहे थे जब उन्हें आतंकवादियों ने मार डाला था। यह हमला 22 अप्रैल, 2025 को हुआ था।
उनकी बेटी आरती आर मेनन ने कहा कि इस त्रासदी के बारे में कहने के लिए उनके पास कुछ नहीं बचा है। उन्होंने पीटीआई को बताया, एक साल बीत गया है, सब कुछ वैसा ही है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। मेनन ने कहा कि वह अभी टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं और उन्हें खेद है।
रामचंद्रन उन 26 लोगों में शामिल थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, जिन्हें पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।
श्रद्धांजलि समारोह और बेटी की वापसी
आरएसएस बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे चांगमपुझा पार्क के पास एक समारोह आयोजित करेगा। रविवार सुबह 10 बजे चांगमपुझा पार्क में एक स्मरणोत्सव भी होगा। दुबई में कार्यरत मेनन ने बताया कि वह जल्द ही दुबई लौट रही हैं। वह पिछले एक साल से कोच्चि में थीं और अब पहले की तरह स्थायी रूप से दुबई वापस जाएंगी।

