Pakistan On Tahawwur Rana: 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के अहम आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाया गया है। उसे विशेष विमान से भारत लाया गया। अमेरिकी हाई कोर्ट ने उसकी प्रत्यर्पण रोकने की अंतिम कोशिश को खारिज कर दिया है। इससे भारत को उसे सौंपने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
बता दें कि, राणा लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर हमलों की साजिश रचने वाले डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी रहा है।
तिहाड़ जेल में रखने की तैयारी पूरी
भारत पहुंचने के बाद तहव्वुर राणा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है। उसे उच्च सुरक्षा वाले वार्ड में रखने की योजना है। जेल प्रशासन ने सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। अब अदालत के आदेश का इंतजार है। राणा की उम्र 64साल है। उसे विशेष निगरानी में रखा जाएगा।
सरकार ने नियुक्त किया विशेष सरकारी वकील
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है। गृह मंत्रालय ने अधिवक्ता नरेंद्र मान को यह जिम्मेदारी दी है। वह मुकदमे की सुनवाई और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं देखेंगे।
पाकिस्तान ने राणा को नागरिक मानने से किया इनकार
पाकिस्तान ने तहव्वुर राणा को अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि राणा ने पिछले 20साल से अपने पाकिस्तानी दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं कराया है। इसलिए अब वह सिर्फ कनाडा का नागरिक है।
अब भी पाकिस्तान में सीमित प्रवेश की अनुमति
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि राणा NICOP कार्ड के जरिए पाकिस्तान में आ सकता है। इससे वह कनाडाई पासपोर्ट पर यात्रा कर सकता है। उसे पाकिस्तान में कुछ सीमित अधिकार मिल सकते हैं।

