New Delhi : देश की पहली सहकारी कैब टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ आज से दिल्ली और गुजरात के कुछ शहरों में शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में इस एप को लॉन्च किया।
इस मौके पर गृह मंत्री ने कहा कि, ‘सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और वे खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार या मालिक होंगे।
इसके अलावा, पीक आवर्स में यूजर्स को सर्ज प्राइस (ज्यादा किराया) भी नहीं देना होगा। भारत टैक्सी’ का उद्देश्य ड्राइवरों को निजी एग्रीगेटर कंपनियों के मॉडल से आजादी दिलाना है।’
टैक्सी का ट्रायल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू किया गया था, जो सफल रहा है।
रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम मिलेगा
लॉन्चिंग के दौरान अमित शाह एप के ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 ड्राइवर्स (जिन्हें ‘सारथी’ कहा गया है) को सम्मानित किया। इन ड्राइवर्स को कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट बांटे गए। सम्मानित होने वाले ड्राइवर्स को 5 लाख रुपए का एक्सिडेंटल और 5 लाख रुपए का फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस कवर दिया गया।
इसके अलावा, प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले सभी ड्राइवर्स के लिए रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गईं।
जीरो कमीशन और सर्ज-प्राइसिंग से राहत मिलेगी
निजी कंपनियां जैसे ओला और उबर आमतौर पर ड्राइवरों की कमाई से 20% से 30% तक कमीशन वसूलती हैं। इसके उलट, भारत टैक्सी ‘जीरो-कमीशन’ मॉडल पर काम करेगी। यानी ड्राइवर जितनी कमाई करेगा, वह सीधे उसके पास जाएगी।
इसके साथ ही, ग्राहकों के लिए भी राहत की बात यह है कि इसमें ‘सर्ज-प्राइसिंग’ (पीक ऑवर्स में ज्यादा किराया) का सिस्टम नहीं होगा। इससे यात्रियों को भी किफायती दरों पर टैक्सी मिल सकेगी।
अगले 2 साल में हर शहर तक पहुंचने का टारगेट
भारत टैक्सी को अगले दो साल में देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों में शुरू करने का टारगेट है। इसके लिए सरकार के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के साथ इसे इंटीग्रेट किया जाएगा। दिल्ली के 7 प्रमुख स्थानों पर ड्राइवरों के लिए सपोर्ट सेंटर भी शुरू किए गए हैं।
यह सदस्यता आधारित मॉडल है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगा। इसकी स्थापना जून में ₹300 करोड़ की रकम के साथ हुई।
एप आधारित यह सेवा डिजिटल इंडिया का हिस्सा है। इसकी एक संचालन परिषद होगी, जिसमें अमूल के एमडी जयेन मेहता चेयरमैन और एनसीडीसी के उप प्रबंधक निदेशक रोहित गुप्ता वाइस चेयरमैन हैं।
इसके अलावा 8 अन्य सदस्य भी हैं, जो देश की विभिन्न सहकारी समितियों से जुड़े हैं। इस बोर्ड की पहली बैठक 16 अक्टूबर को हो चुकी है।
4 सवाल-जवाब में भारत टैक्सी के फायदे समझिए…
1. इसकी सर्विस कैसे ले सकेंगे?
भारत टैक्सी का एप ओला-उबर जैसा होगा, जो नवंबर में एप स्टोर्स से डाउनलोड कर सकेंगे। एप हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी में होगा।
2. ड्राइवरों को क्या फायदा होगा?
हर राइड की 100% कमाई ड्राइवर को मिलेगी। उसे सिर्फ दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा, जो कि बहुत ही सामान्य रहेगा।
3. महिला सारथी की क्या भूमिका रहेगी?
यानी महिला ड्राइवर्स। पहले चरण में 100 महिलाएं जुड़ेंगी। 2030 तक इनकी संख्या 15 हजार करेंगे। 15 नवंबर से मुफ्त प्रशिक्षण, विशेष बीमा मिलेगा।
4. यह सेवा 2030 तक कैसे आगे बढ़ेगी?
- दिसंबर से मार्च 2026 तक राजकोट, मुंबई, पुणे में सर्विस। ड्राइवर 5 हजार होंगे। मल्टी स्टेट ऑपरेशन।
- अप्रैल से दिसंबर के बीच लखनऊ, भोपाल, जयपुर में शुरुआत होगी। 15 हजार ड्राइवर और 10 हजार गाड़ियां हो जाएंगी।
- 2027-28 में 20 शहरों में 50 हजार ड्राइवर्स के साथ पैन इंडिया सर्विस मिलने लगेगी। इसे फास्टैग से जोड़ेंगे।
- 2028-2030 के बीच जिला मुख्यालयों, गांवों में एक लाख ड्राइवरों के साथ सेवा शुरू होगी।

