पटना: बिहार की राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी में आस्था और रहस्य का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा। वार्ड संख्या 32 स्थित राजा बिगहा में गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब चैती छठ की तैयारियों के लिए तालाब की खुदाई कर रहे ग्रामीणों को जमीन के भीतर से भगवान श्रीकृष्ण की एक अत्यंत प्राचीन और भव्य काली प्रतिमा प्राप्त हुई। मूर्ति के मिलते ही पूरे इलाके में जयकारे गूंजने लगे और देखते ही देखते वहां श्रद्धालुओं का तांता लग गया। हालांकि, इस खुशी के बीच छाता गांव के ठाकुरबाड़ी मंदिर से हुई करोड़ों की मूर्तियों की चोरी का गम भी क्षेत्र में बरकरार है, जिसका सुराग पुलिस अब तक नहीं लगा पाई है।
तालाब खुदाई के दौरान मिली श्रीकृष्ण की मूर्ति
मसौढ़ी नगर परिषद के वार्ड-32 स्थित राजा बिगहा में तालाब खुदाई के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की पुरानी काली पत्थर की मूर्ति मिली। खबर फैलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने बरामद मूर्ति की पूजा अर्चना शुरू कर दी, जिससे माहौल भक्तिमय बन गया। बताया जाता है कि आसपास के दूषित पानी रोकने के लिए श्रद्धालुओं द्वारा तालाब खुदाई की जा रही थी। ताकि लोग इसमें चैत छठ कर सके। अचानक मौजूद लोगों की नजर जमीन के अंदर दबी मूर्ति पर पड़ी। पुरानी मूर्ति मिलते ही भगवान श्रीकृष्ण का जयकारा लगाने लगे। उपस्थित श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण का संकल्प लेते हुए पूजा अर्चना में लीन हो गए।राजा बिगहा के ग्रामीण आने वाले चैती छठ पर्व के लिए तालाब की सफाई और खुदाई का कार्य कर रहे थे। मुख्य उद्देश्य दूषित पानी को रोकना था ताकि श्रद्धालु पवित्रता के साथ पूजा कर सकें। इसी दौरान खुदाई करते समय लोगों की नजर जमीन में दबी भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति पर पड़ी। जैसे ही काली पत्थर की यह सुंदर प्रतिमा पूरी तरह बाहर निकली, वहां मौजूद लोग भक्ति भाव से सराबोर हो गए।तीन दिन पहले चुराई गई श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की बेशकीमती मूर्तियों का सुराग नहीं मिला। 16 मार्च की रात मसौढ़ी के छाता गांव
स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर से चुराई गई बेशकीमती श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी का अष्टधातु मूर्तियों का सुराग पुलिस को नहीं मिला है। छाता ठाकुरबाड़ी से चुराई गई अष्टधातु मूर्तियां सात करोड़ रुपए से अधिक की थी। तीन दिन बाद भी संलिप्त मूर्ति तस्करों और चुराई गई मूर्तियों के संदर्भ में पुलिस के हाथ खाली है। रामनवमी पर्व के पूर्व राम सीता और लक्ष्मण जी की मूर्तियां चोरी से छाता निवासी ग्रामीण आहत और आक्रोशित हैं। पुलिस के अनुसार विभागीय स्तर पर हरसंभव प्रयास किया जा रहा है, लेकिन मूर्ति बरामद नहीं हो पाई है।

