नई दिल्ली : अमेरिका कतर में ईरान की छह अरब डॉलर की संपत्ति अनफ्रीज करने को तैयार हो गया है। ईरानी सूत्रों के अनुसार अमेरिका कतर और अन्य देशों में रखे ईरानी फंड को अनफ्रीज करने पर सहमत हो गया है। दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत चल रही हैरॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका कतर और अन्य विदेशी बैंकों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्ति को जारी करने पर सहमत हो गया है। एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे वाशिंगटन की ओर से समझौते तक पहुंचने की दिशा में ‘गंभीरता’ के संकेत के रूप में बताया है। यह कदम न केवल संकटग्रस्त ईरानी अर्थव्यवस्था के लिए राहत ला सकता है, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के कूटनीतिक प्रयासों से भी सीधा जुड़ा हुआ है। पूरे घटनाक्रम की आर्थिक-सामरिक महत्व को नीचे सवाल-जवाब के नजरिए से समझें।सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने कतर के बैंकों में रखी ईरान की लगभग छह अरब डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करने पर सहमति दी है। यह कदम इस्लामाबाद वार्ता में एक सकारात्मक माहौल बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्य रूप से इस फंड की रिहाई को ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के माध्यम से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की शर्त से जोड़ा गया है, जो इस वार्ता का एक प्रमुख मुद्दा रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस घटनाक्रम पर अब तक अमेरिका या कतर के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
यह धनराशि मूल रूप से ईरान द्वारा दक्षिण कोरिया को बेचे गए कच्चे तेल की बिक्री से जुड़ी है। 2018 में, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हुए समझौते को रद्द कर दिया था और ईरान पर कड़े प्रतिबंध फिर से लगा दिए थे, तब यह संपत्ति दक्षिण कोरियाई बैंकों में ब्लॉक हो गई थी। सितंबर 2023 में कतर (दोहा) की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच एक कैदियों की अदला-बदली से जुड़ा समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत, अमेरिका में कैद पांच ईरानियों और ईरान में कैद पांच अमेरिकी नागरिकों की रिहाई पर सहमति बनी थी। इसी समझौते के हिस्से के रूप में इस फंड को दक्षिण कोरिया से कतर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था।

